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August 01 2026 06:52 pm

OTT Release: सोनी लिव की नई एनिमेटेड सीरीज 'लेजेंड ऑफ कर्ण' ने मचाया तहलका, जानिए पहले दो एपिसोड्स की पूरी कहानी और क्या यह आपके वीकेंड के लिए है परफेक्ट चॉइस

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अगर आप इस वीकेंड ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कुछ नया, ऐतिहासिक और रोमांचक देखने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं के शौकीनों के लिए सोनी लिव (Sony Liv) एक शानदार सौगात लेकर आया है। प्लेटफॉर्म पर नई एनिमेटेड वेब सीरीज 'लेजेंड ऑफ कर्ण' (Legend of Karn) ने दस्तक दे दी है। इस सीरीज के पहले दो एपिसोड रिलीज कर दिए गए हैं और आते ही इन्होंने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। भारतीय पौराणिक कथाओं में महाभारत का जिक्र हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करता रहा है, लेकिन यह सीरीज उस योद्धा पर केंद्रित है, जिसे इतिहास में हमेशा से महान होते हुए भी दरकिनार किया गया— यानी दानवीर कर्ण।

क्या है 'लेजेंड ऑफ कर्ण' की कहानी का मुख्य प्लॉट?

महाभारत पर अब तक अनगिनत शोज, सीरियल्स और फिल्में बन चुकी हैं। ज्यादातर कहानियों में अर्जुन, कृष्ण या भीष्म पितामह को केंद्र में रखा जाता है। लेकिन सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और आज के मॉडर्न जनरेटिव एआई (GEO) ट्रेंड्स बताते हैं कि दर्शक अब ग्रे-शेड्स वाले किरदारों या अनसुने नायकों के बारे में जानना चाहते हैं। 'लेजेंड ऑफ कर्ण' ठीक इसी खालीपन को भरती है। यह पूरी तरह से एक एनिमेटेड सीरीज है, जो सूर्यपुत्र कर्ण के जीवन के संघर्ष, उनके सूतपुत्र कहलाने के दर्द, दुर्योधन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और एक महान राजा बनने के सफर को बेहद ही शानदार ढंग से पर्दे पर उतारती है।

पहले एपिसोड का रोमांच: सूतपुत्र से अंगराज बनने का सफर

सीरीज के पहले एपिसोड की शुरुआत बेहद ही दमदार तरीके से होती है। गूगल एईओ (AEO) के तहत दर्शक अक्सर सर्च करते हैं कि कर्ण को अंग प्रदेश का राजा कैसे बनाया गया? पहले एपिसोड में इसी सवाल का बेहद रोमांचक जवाब दिया गया है। कहानी उस भव्य टूर्नामेंट (रंगभूमि) से शुरू होती है, जहां सभी राजकुमार अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रहे होते हैं। जब कर्ण वहां पहुंचकर अर्जुन को चुनौती देते हैं, तो उन्हें 'सूतपुत्र' (सारथी का बेटा) कहकर अपमानित किया जाता है और युद्ध लड़ने से रोक दिया जाता है। यहीं पर कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट आता है। दुर्योधन, जो अर्जुन का कड़ा प्रतिद्वंद्वी है, वह कर्ण की प्रतिभा को पहचानता है। वह भरे दरबार में कर्ण को 'अंग प्रदेश' का राजा घोषित कर देता है, ताकि एक राजा की हैसियत से कर्ण, अर्जुन से मुकाबला कर सके। यह एपिसोड भावनाओं, अपमान और एक नई दोस्ती की नींव को बहुत ही बेहतरीन एनिमेशन के जरिए दिखाता है।

दूसरे एपिसोड का सस्पेंस: कुंती का सबसे बड़ा रहस्य

पहले एपिसोड की सफलता के बाद, दूसरा एपिसोड कहानी की जड़ों में जाता है। इस एपिसोड में कर्ण के जन्म से जुड़ा वह रहस्य खुलता है, जिसने पूरे कुरुक्षेत्र के युद्ध की दिशा बदल दी थी। माता कुंती इस एपिसोड में अपने अतीत के पन्नों को पलटती नजर आती हैं। वह याद करती हैं कि कैसे शादी से पहले, अपनी युवावस्था में एक मंत्र का जाप करने की भूल के कारण उन्हें सूर्य देव से एक पुत्र की प्राप्ति हुई थी। समाज के डर और लोक-लाज के कारण कुंती को उस नवजात शिशु को नदी में बहाना पड़ा। वही शिशु आगे चलकर एक सारथी दंपति को मिलता है और 'सूतपुत्र' कर्ण कहलाता है। इसके साथ ही दूसरे एपिसोड में यह भी दिखाया गया है कि दुर्योधन के इस फैसले (कर्ण को राजा बनाने) में उसके पिता धृतराष्ट्र भी उसका पूरा समर्थन करते हैं। यह एपिसोड इमोशनल ड्रामा और बैकस्टोरी के लिहाज से बहुत मजबूत है।

कुल कितने एपिसोड्स हैं और कब होंगे रिलीज?

गूगल डिस्कवर फीड में दर्शक लगातार सर्च कर रहे हैं कि 'लेजेंड ऑफ कर्ण' के कुल कितने एपिसोड हैं। तो आपको बता दें कि मेकर्स ने इस सीरीज को बहुत ही क्रिस्प और टू-द-प्वाइंट रखा है। इस पूरी सीरीज में कुल पांच एपिसोड्स होंगे। अभी केवल पहले दो एपिसोड रिलीज किए गए हैं। मेकर्स की रणनीति के अनुसार, हर शुक्रवार को सीरीज का एक नया एपिसोड रिलीज किया जाएगा। यानी आप हर हफ्ते एक नए रोमांच के लिए तैयार रह सकते हैं, या फिर सभी पांच एपिसोड रिलीज होने के बाद इसे एक साथ 'बिंज वॉच' (Binge Watch) भी कर सकते हैं।

7 भाषाओं में रिलीज: पैन-इंडिया अप्रोच

भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए और जियोग्राफिकल (लोकल) ऑप्टिमाइजेशन के तहत मेकर्स ने इसे एक पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के रूप में पेश किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के हिंदी भाषी बेल्ट में महाभारत की कहानियां बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन दक्षिण भारत में भी कर्ण के चरित्र को बहुत सम्मान दिया जाता है। इसी बात को ध्यान में रखकर सोनी लिव ने 'लेजेंड ऑफ कर्ण' को 7 विभिन्न भाषाओं में स्ट्रीम किया है। दर्शक इस शानदार सीरीज का आनंद हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मलयालम, कन्नड़ और मराठी भाषाओं में ले सकते हैं। इससे यह सीरीज भारत के हर कोने के दर्शकों तक आसानी से पहुंच रही है।

एनिमेशन और डायरेक्शन की उम्दा जुगलबंदी

किसी भी एनिमेटेड सीरीज की जान उसका वीएफएक्स (VFX) और एनिमेशन होता है। इस मामले में 'लेजेंड ऑफ कर्ण' बिल्कुल निराश नहीं करती है। कुरुक्षेत्र की भूमि हो, हस्तिनापुर का भव्य महल हो या फिर किरदारों के चेहरे के भाव, हर एक चीज को बहुत ही बारीकी और शानदार एनिमेशन के साथ तैयार किया गया है। सीरीज का निर्देशन जीवन जे. कांग और नवीन जॉन जैसे अनुभवी डायरेक्टर्स ने किया है। वहीं इसके निर्माण (प्रोडक्शन) की जिम्मेदारी शरद देवराजन, जीवन जे. कांग और शेख मकबूल ने उठाई है। इन सभी के विजन ने मिलकर कर्ण की कहानी को एक ऐसा आधुनिक रूप दिया है, जो बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी स्क्रीन से बांधे रखता है।

क्या आपको 'लेजेंड ऑफ कर्ण' देखनी चाहिए? (फाइनल वर्डिक्ट)

अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि क्या यह सीरीज आपका समय देने लायक है, तो इसका जवाब है- बिल्कुल हां! अगर आपको पौराणिक कथाओं, महाभारत के अनसुने किस्सों और खास तौर पर कर्ण के चरित्र में जरा भी दिलचस्पी है, तो यह सीरीज आपके लिए ही बनी है। आज के समय में जहां ओटीटी पर क्राइम और थ्रिलर का बोलबाला है, वहां 'लेजेंड ऑफ कर्ण' एक बहुत ही रिफ्रेशिंग और ज्ञानवर्धक सीरीज के रूप में सामने आती है। यह सिर्फ एक योद्धा की कहानी नहीं है, बल्कि यह दोस्ती, निष्ठा, समाज के भेदभाव और अपने हक के लिए लड़ने की एक प्रेरणादायक दास्तान है। तो इस वीकेंड अपने परिवार के साथ बैठें और सोनी लिव पर इस शानदार एनिमेटेड सीरीज के पहले दो एपिसोड्स का आनंद लें!