अब सिर्फ बातें नहीं, सीधा काम करेगा Google Gemini: मिला फोन के Apps का पूरा कंट्रोल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स अब केवल सवालों के जवाब देने, निबंध लिखने या कोड जनरेट करने तक सीमित नहीं रह गए हैं। वे अब इंसानों की तरह स्मार्टफोन और कंप्यूटर पर सीधे काम निपटाने वाले सक्रिय 'एआई एजेंट्स' (Agentic AI) में तब्दील हो रहे हैं। इसी कड़ी में गूगल ने अपने फ्लैगशिप एआई असिस्टेंट Google Gemini को ऐप्स के सीधे कंट्रोल और डीप सिस्टम इंटीग्रेशन से लैस करने का बड़ा कदम उठाया है।
इस नए बदलाव के बाद जेमिनी को एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम और थर्ड-पार्टी ऐप्स के भीतर सीधे एक्शन लेने की क्षमता मिल गई है। यानी अब आपको अलग-अलग ऐप्स खोलकर ऑर्डर करने, मैसेज टाइप करने या टिकट बुक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी; जेमिनी आपकी एक आवाज या सिंगल प्रॉम्प्ट पर बैकग्राउंड में ये सारे काम खुद निपटा देगा।
चैटबॉट से 'एक्शन एजेंट' बना जेमिनी: क्या बदला?
गूगल ने अपने ऐप एक्सटेंशंस (Connected Apps) और सिस्टम-लेवल ऑटोमेशन को अपग्रेड करते हुए जेमिनी को मल्टी-स्टेप वर्कफ़्लो (Multi-step Tasks) संभालने की अनुमति दी है:
क्रॉस-ऐप ऑटोमेशन: यदि आपको किसी ईमेल में पार्टी का इनविटेशन मिला है, तो जेमिनी ईमेल से पता पढ़ेगा, गूगल मैप्स पर रूट चेक करेगा, कैलेंडर में इवेंट जोड़ेगा और जरूरत पड़ने पर उबर या ओला से कैब का एस्टिमेट भी निकाल देगा। यह सब कुछ सिर्फ एक कमांड में संभव होगा।
मैसेजिंग और सोशल मीडिया टास्क: व्हाट्सएप पर किसी खास ग्रुप में मैसेज भेजना, कॉन्टैक्ट्स से फोटो शेयर करना या रिमाइंडर सेट करने जैसे काम बिना ऐप खोले सीधे जेमिनी ओवरले से हो जाएंगे।
फूड डिलीवरी और शॉपिंग: जेमिनी अब फूड ऐप्स (जैसे Zomato, Swiggy) या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर आपकी पुरानी प्राथमिकताओं (Preferences) के आधार पर कार्ट में सामान जोड़ने और पेमेंट स्क्रीन तक प्रोसेस को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहा है।
ऑन-स्क्रीन विजुअल कॉन्टेक्स्ट और 'आस्क अबाउट दिस स्क्रीन'
गूगल ने जेमिनी के 'स्क्रीन अवेयरनेस' फीचर को भी पहले से कहीं ज्यादा सटीक बना दिया है:
जब आप स्क्रीन पर कोई रील, यूट्यूब वीडियो या किसी वेबसाइट पर कोई प्रोडक्ट देख रहे होंगे, तो जेमिनी उस स्क्रीन के विजुअल डेटा को तुरंत समझ लेगा।
यदि आप इंस्टाग्राम या किसी ब्लॉग पर कोई ड्रेस देखते हैं, तो आप सीधे पूछ सकते हैं— "यह ड्रेस किस ऐप पर उपलब्ध है और सबसे सस्ती कहां मिल रही है?"
जेमिनी तुरंत शॉपिंग ऐप्स को स्कैन करके संबंधित लिंक और प्राइस कंपैरिजन स्क्रीन पर पेश कर देगा।
प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गूगल का क्या है दावा?
जब कोई एआई टूल यूजर के पर्सनल ऐप्स, मैसेज और बैंक ऐप्स के करीब पहुंचता है, तो डेटा प्राइवेसी सबसे बड़ा सवाल बन जाती है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि:
यूजर की अनुमति अनिवार्य: कोई भी संवेदनशील एक्शन (जैसे पेमेंट कन्फर्म करना, ईमेल भेजना या किसी ऐप का डेटा एक्सेस करना) लेने से पहले जेमिनी यूजर से स्क्रीन पर अंतिम कन्फर्मेशन मांगेगा।
ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग: यूजर के फोन के सामान्य टास्क और स्क्रीन रीडिंग को प्रोसेस करने के लिए ऑन-डिवाइस एआई मॉडल (Gemini Nano) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निजी डेटा क्लाउड पर जाने से सुरक्षित रहता है।
ऐप परमिशन कंट्रोल: यूजर्स अपनी सेटिंग्स में जाकर यह तय कर सकते हैं कि जेमिनी को किस ऐप का एक्सेस देना है और किसे ब्लॉक रखना है।
गूगल असिस्टेंट का पूरी तरह अंत तय
गूगल की यह आक्रामक रणनीति इस बात का साफ संकेत है कि पारंपरिक 'गूगल असिस्टेंट' का युग अब समाप्त हो चुका है। स्मार्ट होम डिवाइसेज से लेकर स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम तक, अब जेमिनी ही गूगल का प्राथमिक और एकमात्र बुद्धिमान केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले समय में यूजर्स को फोन की होम स्क्रीन पर मौजूद दर्जनों ऐप्स पर बार-बार टैप करने की जद्दोजहद से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।