BREAKING:
July 12 2026 02:22 am

अगले हफ्ते HDFC Bank और Reliance समेत 100+ कंपनियों के आएंगे नतीजे, ये 8 स्टॉक्स देंगे डिविडेंड का डबल बोनस

Post

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए आगामी हफ्ता बेहद ऐतिहासिक और भारी उतार-चढ़ाव वाला साबित होने जा रहा है। कॉरपोरेट जगत में 13 जुलाई से लेकर 18 जुलाई 2026 के बीच एक साथ 100 से भी अधिक लिस्टेड कंपनियों की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठकें (Board Meetings) आयोजित होने वाली हैं। इस दौरान देश के प्रमुख कोर सेक्टर्स जैसे आईटी (IT), बैंकिंग (Banking), ऑटो, एफएमसीजी (FMCG), स्टील और एनर्जी की दिग्गज कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 Results) के वित्तीय परिणामों को मंजूरी देंगी। इसके साथ ही, निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि इनमें से 8 प्रमुख कंपनियां अपने शेयरधारकों की झोली भरने के लिए आकर्षक अंतरिम और अंतिम डिविडेंड (Dividend Alert) की घोषणा भी कर सकती हैं। इन नतीजों का सीधा असर दलाल स्ट्रीट के सेंटिमेंट और सेक्टोरल इंडेक्स पर देखने को मिलेगा।

इन 8 कंपनियों में होने जा रहा है डिविडेंड का बड़ा ऐलान: Wipro और HCL Tech की बैठकों पर टिकी नजरें

अगले हफ्ते जिन 8 कंपनियों की बोर्ड मीटिंग्स में तिमाही नतीजों के साथ-साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगनी है, उनका पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:

13 जुलाई: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) जून तिमाही के नतीजों के साथ अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगी। इसी दिन खजांची ज्वेलर्स (Khazanchi Jewellers) भी अपने फाइनल डिविडेंड पर अंतिम फैसला लेगी।

14 जुलाई: धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स (Dhampur Bio Organics) की बोर्ड बैठक में अंतरिम डिविडेंड और अन्य सामान्य कारोबारी प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।

15 जुलाई: फिनटेक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एंजेल वन (Angel One) और टेक फर्म केसॉल्व्स इंडिया (Ksolves India) अपने नतीजों के साथ अंतरिम लाभांश का ऐलान कर सकती हैं।

16 जुलाई: इस दिन मार्केट में भारी हलचल रहेगी क्योंकि विप्रो (Wipro), डीबी कॉर्प (D. B. Corp) और मेनन बियरिंग्स (Menon Bearings) एक साथ अपने जून तिमाही के नतीजों और डिविडेंड प्रस्तावों पर विचार करने जा रही हैं।

13 से 15 जुलाई के मुख्य नतीजे: टाटा और एचडीएफसी ग्रुप की कंपनियों पर रहेगा फोकस

हफ्ते के शुरुआती दिनों में बाजार की चाल तय करने के लिए कई बड़े कॉर्पोरेट अर्निंग्स सामने आएंगे। 13 जुलाई को नुवोको विस्टा कॉर्पोरेशन (Nuvoco Vistas) अपने जून तिमाही के आंकड़ों के साथ शुरुआत करेगी। इसके बाद 14 जुलाई को आदित्य बिड़ला मनी, जिंदल सॉ (Jindal Saw), एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) और ऑटोमोटिव डिजाइन की दिग्गज कंपनी टाटा एलेक्सी (Tata Elxsi) के नतीजे घोषित किए जाएंगे। 15 जुलाई को बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर की भारी भरकम कंपनियों की बारी होगी, जिसमें एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC), आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (ICICI Lombard), मैंगलोर रिफाइनरी (MRPL) और सरकारी क्षेत्र का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) अपने वित्तीय रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे।

16 और 17 जुलाई को मचेगा तहलका: रिलायंस, आईटीसी और जियो फाइनेंशियल की अग्निपरीक्षा

सप्ताह के मध्य में बाजार में सबसे बड़ा एक्शन देखने को मिलेगा। 16 जुलाई को सरकारी महारत्न कंपनी भेल (BHEL), आईटीसी होटल्स (ITC Hotels), टेक महिंद्रा, साउथ इंडियन बैंक और हाल ही में लिस्टेड हुई दिग्गज जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) व पॉलीकैब इंडिया के नतीजों पर विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी। वहीं 17 जुलाई को दलाल स्ट्रीट के सबसे बड़े दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के जून तिमाही के नतीजे घोषित किए जाएंगे। इसी दिन जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel), हैवेल्स इंडिया (Havells India), फेडरल बैंक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) के वित्तीय आंकड़े भी जारी होंगे, जो पूरे एनर्जी, स्टील और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की दशा और दिशा तय करेंगे।

18 जुलाई को महा-शनिवार: एचडीएफसी और आईसीआईसीआई समेत 5 बड़े बैंक पेश करेंगे रिपोर्ट कार्ड

सप्ताह के अंतिम दिन यानी शनिवार 18 जुलाई को बैंकिंग सेक्टर के इतिहास का सबसे बड़ा दिन होने वाला है। इस दिन देश के पांच सबसे बड़े निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कमर्शियल बैंक अपने पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा करेंगे। इनमें बैंकिंग किंग एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank), कैन फिन होम्स और यस बैंक (Yes Bank) शामिल हैं। बैंकिंग सेक्टर के इन नतीजों से भारतीय अर्थव्यवस्था में लोन ग्रोथ, टर्म डिपॉजिट में बढ़ोतरी और एसेट क्वालिटी (NPA) की वास्तविक स्थिति का साफ तौर पर संकेत मिलेगा। निवेशक इन सभी बोर्ड बैठकों के फैसलों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करने की तैयारी में जुट गए हैं।