अमेरिका-ईरान युद्ध पर खबर ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर लगाई रोक, कहा- ईरान के साथ फाइनल समझौते के करीब
India News Live, Digital Desk : फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने के लिए शुरू किए गए सैन्य मिशन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को महज 24 घंटे के भीतर ही सस्पेंड (स्थगित) कर दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक 'पूर्ण और अंतिम समझौते' (Complete and Final Agreement) की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है, जिसके कारण उन्होंने इस मिशन को रोकने का आदेश दिया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट
मंगलवार देर रात (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर वे इस सैन्य ऑपरेशन को कुछ समय के लिए टाल रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, "ईरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में बेहतरीन प्रगति हुई है। हम देखना चाहते हैं कि क्या अगले कुछ समय में एक अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।"
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' समाप्त, लेकिन घेराबंदी रहेगी जारी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पुष्टि की कि ईरान के खिलाफ चलाया गया प्रमुख सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है। हालांकि, अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि जब तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी (Blockade) पूरी तरह से जारी रहेगी।
क्या वाकई टल गया महायुद्ध का खतरा?
पिछले दो महीनों से जारी इस संघर्ष में ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सतर्क करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना अभी भी 'कॉम्बैट मोड' में है और अगर ईरान ने शांति प्रक्रिया में धोखा दिया, तो हमले फिर से शुरू किए जा सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद
ट्रंप के इस शांति संकेत के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई है। अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह समझौता सफल रहता है, तो हॉर्मुज के रास्ते वैश्विक व्यापार फिर से पटरी पर लौट सकेगा। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान और अमेरिका के बीच चल रही इस गुप्त डिप्लोमेसी पर टिकी हैं कि क्या वाकई 31 मई तक मिडिल ईस्ट में पूरी तरह शांति बहाल हो पाएगी।