नए लेबर कोड 2026: अब आपकी छुट्टियां नहीं होंगी बेकार, हर साल मिलेगा 'लीव एनकैशमेंट' का पैसा

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India News Live,Digital Desk : नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार ने नई श्रम संहिता (New Labour Code 2026) के तहत एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। अक्सर काम के दबाव के कारण कर्मचारी अपनी पूरी छुट्टियां नहीं ले पाते थे और साल के अंत में वे 'लैप्स' हो जाती थीं या उनका पैसा सिर्फ नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट पर मिलता था। लेकिन अब नए नियमों ने कर्मचारियों की जेब और आराम दोनों का ख्याल रखा है।

आइए समझते हैं कि नई श्रम संहिता के तहत छुट्टियों और उनके बदले मिलने वाले पैसे के नियम कैसे बदल गए हैं।

1. छुट्टियों को भुनाने (Leave Encasement) का नया गणित

नए नियमों के अनुसार, अब आपको अपनी छुट्टियों के पैसे के लिए रिटायरमेंट का इंतज़ार नहीं करना होगा। आप हर साल अपनी अतिरिक्त छुट्टियों को कैश करा सकेंगे।

30 दिन का कैरी फॉरवर्ड: ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड के तहत, एक कर्मचारी साल के अंत में अधिकतम 30 दिनों की 'अर्जित छुट्टी' (Earned Leave) को अगले साल के लिए बचाकर रख सकता है।

अतिरिक्त छुट्टियों का भुगतान: यदि साल के अंत में आपके पास 30 से अधिक छुट्टियां बची हैं, तो कंपनी को उन अतिरिक्त दिनों का पैसा आपको उसी साल देना होगा।

उदाहरण: मान लीजिए साल के अंत में आपकी 45 छुट्टियां बची हैं। इसमें से 30 छुट्टियां अगले साल के खाते में जुड़ जाएंगी, और बाकी 15 दिनों का नकद भुगतान कंपनी को आपको करना होगा।

2. अब 180 दिन काम करते ही मिलेगी छुट्टी

पुराने नियमों के तहत, 'अर्जित अवकाश' (EL) का हकदार बनने के लिए कर्मचारी को कम से कम 240 दिनों तक काम करना अनिवार्य था। नए लेबर कोड ने इस सीमा को घटा दिया है:

अब आप मात्र 180 दिनों (6 महीने) की सेवा के बाद ही छुट्टियां अर्जित करने और उन्हें कैश कराने के पात्र हो जाएंगे।

3. बॉस ने छुट्टी रिजेक्ट की? तो नहीं डूबेगा हक

अक्सर कर्मचारी छुट्टी मांगते हैं और काम की अधिकता के कारण बॉस उसे नामंजूर कर देते हैं। नए नियम में इसके लिए विशेष प्रावधान है:

यदि आपने छुट्टी के लिए आवेदन किया और आपके मैनेजर या बॉस ने उसे अस्वीकार (Reject) कर दिया, तो वह छुट्टी आपकी 30 दिनों की अधिकतम सीमा (Cap) में नहीं गिनी जाएगी। यानी रिजेक्ट हुई छुट्टियों का नुकसान कर्मचारी को नहीं होगा।

4. इस्तीफा देने के 48 घंटे में होगा 'फुल एंड फाइनल'

नौकरी छोड़ने के बाद सेटलमेंट के लिए हफ्तों इंतज़ार करने वाले दिन अब लद गए हैं:

नए कानून के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है, उसे बर्खास्त किया जाता है या वह छंटनी का शिकार होता है, तो कंपनी को 2 दिनों (48 घंटे) के भीतर उसका पूरा हिसाब-किताब (Full and Final Settlement) करना अनिवार्य होगा। इसमें वेतन और बची हुई छुट्टियों का पैसा शामिल है।

कर्मचारियों के लिए क्यों है यह अच्छी खबर?

यह बदलाव कर्मचारियों को मानसिक शांति और आर्थिक लाभ दोनों देगा। छुट्टियों के बदले हर साल पैसा मिलने से कर्मचारियों की 'लिक्विडिटी' (हाथ में पैसा) बढ़ेगी और कंपनियां भी कर्मचारियों को छुट्टियां लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगी ताकि उन्हें अतिरिक्त भुगतान न करना पड़े।