'विराट कोहली और RCB टीम को मेरा चैलेंज': स्टार हॉकी प्लेयर मनप्रीत सिंह ने फिटनेस मुकाबले के लिए दिया खुला न्योता

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India News Live,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट में फिटनेस की नई इबारत लिखने वाले विराट कोहली को एक अनोखा फिटनेस चैलेंज मिला है। यह चैलेंज किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और स्टार प्लेयर मनप्रीत सिंह ने दिया है। मनप्रीत ने विराट कोहली और उनकी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 'यो-यो टेस्ट' (Yo-Yo Test) में आमने-सामने की टक्कर के लिए आमंत्रित किया है।

"एक जॉइंट ट्रेनिंग सेशन हो जाए": मनप्रीत सिंह

एक इंटरव्यू के दौरान जब मनप्रीत से पूछा गया कि क्या वह फिटनेस या यो-यो टेस्ट में कोहली को टक्कर दे सकते हैं, तो उन्होंने बहुत ही शालीनता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आरसीबी टीम के साथ एक जॉइंट सेशन करना बहुत ही शानदार विचार होगा। यह न केवल हमारे एथलीटों के लिए, बल्कि पूरे देश के खेल जगत के लिए एक प्रेरक पल होगा। हम विराट और पूरी आरसीबी टीम को हमारे ट्रेनिंग सेशन में आने के लिए आमंत्रित करते हैं।"

खेलों की भिन्नता का सम्मान

जहाँ एक ओर अक्सर 'फिटनेस' को लेकर हॉकी खिलाड़ियों और क्रिकेटरों के बीच तुलना की जाती रही है, वहीं मनप्रीत ने इस बहस को एक नई दिशा दी। उन्होंने क्रिकेट की कठिनाई को स्वीकारते हुए कहा:

"अगर आप हमें बैटिंग करने के लिए कहेंगे, तो वह हमारे लिए बहुत मुश्किल होगा। 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आती गेंद को खेलना आसान नहीं है। क्रिकेट और हॉकी की ज़रूरतें बिल्कुल अलग हैं।"

मनप्रीत ने स्पष्ट किया कि हर खेल का अपना एक अलग स्किल सेट होता है। जहाँ हॉकी में निरंतर दौड़, स्टैमिना और पेस की जरूरत होती है, वहीं क्रिकेट में जबरदस्त रिफ्लेक्स, 'आई-हैंड कोऑर्डिनेशन' और मानसिक एकाग्रता का होना अनिवार्य है।

फिटनेस के आइकन: विराट कोहली

कोहली, जो कभी अपनी फिटनेस को लेकर इतने सतर्क नहीं थे, आज दुनिया भर के एथलीटों के लिए एक प्रेरणा हैं। उनका यो-यो टेस्ट स्कोर हमेशा चर्चा का विषय रहता है। यदि यह 'जॉइंट सेशन' वास्तविकता में बदलता है, तो यह भारत के दो सबसे बड़े खेलों—हॉकी और क्रिकेट—के बीच एक ऐतिहासिक तालमेल और आपसी सम्मान का प्रदर्शन होगा।

मनप्रीत सिंह का यह निमंत्रण न केवल खेल भावना का परिचय देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शीर्ष स्तर के खिलाड़ी दूसरे खेलों की चुनौतियों और उनके खिलाड़ियों के अनुशासन को कितना सम्मान देते हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आरसीबी प्रबंधन और विराट कोहली इस फिटनेस चैलेंज को स्वीकार करते हैं या नहीं।