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July 14 2026 07:53 pm

मुनीर की सेना ने PoK में मचाया उत्पात, निहत्थे नागरिकों पर बरसाईं गोलियां; 6 की दर्दनाक मौत

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पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और क्रूरता की एक बेहद खौफनाक खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह जनरल आसिम मुनीर की सेना और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के स्थानीय निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस अचानक हुए खूनी तांडव में कम से कम 6 निर्दोष लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। इस नरसंहार के बाद पूरे पीओके में स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए हैं।

रावलकोट और सुधनोती में सेना का खूनी एक्शन

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हिंसक घटना मंगलवार सुबह-सुबह उस वक्त हुई जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे और आम नागरिकों पर बल प्रयोग करना शुरू कर दिया:

रावलकोट: यहाँ के मटियाल मीरा बस टर्मिनल क्षेत्र में सेना ने फायरिंग की, जिसमें वाजिद हयात नाम के नागरिक की मौत हो गई।

सुधनोती जिला: यहाँ के बलोच इलाके में हुई गोलीबारी में जाहिद मुगल, जफर मुगल और अर्सलान अकबर सहित अन्य नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी।

अचानक हुई इस फायरिंग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। घटना के तुरंत बाद हजारों स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। हालात को दबाने के लिए मुनीर सरकार ने इलाके में भारी संख्या में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं।

वाइट हाउस के बाहर गूंजी PoK की आवाज, भारत से मांगी मदद

इस भीषण खून-खराबे से ठीक एक दिन पहले सोमवार को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में वाइट हाउस (White House) के सामने PoK के प्रवासियों ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

इंटरनेट शटडाउन का विरोध: प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना द्वारा पीओके में लगाए गए इंटरनेट बैन की कड़ी निंदा की, जिसने लगभग 40 लाख लोगों को दुनिया से काट दिया है।

भारत से अपील: महिलाओं और बच्चों समेत करीब 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की मांग की। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वे PoK के नागरिकों की जान बचाने और वहां मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करे।

भारत ने की सख्त निंदा: 'दशकों पुराने शोषण का नतीजा'

इस नरसंहार पर नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को एक बेहद कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

"पीओके में हो रहे ये हिंसक प्रदर्शन और जनता का आक्रोश पाकिस्तान के दशकों पुराने सिस्टेमैटिक शोषण (Systematic Exploitation), वहां के लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और गैर-कानूनी कब्जे वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक जुल्म का सीधा नतीजा हैं।"

भारत ने वैश्विक मंचों से अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को इन बेकसूर आम लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों के लिए तुरंत जवाबदेह ठहराए।

भुखमरी और स्वास्थ्य संकट की कगार पर PoK

पाकिस्तानी सेना के जुल्म के अलावा PoK इस समय इतिहास के सबसे भीषण आर्थिक और मानवीय संकट से गुजर रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि:

57% आबादी भूखी: यहाँ की 66% आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन फिर भी 57 प्रतिशत से अधिक परिवारों को दो वक्त का खाना नसीब नहीं हो रहा है। पहाड़ी इलाकों में तो 90% घरों में अनाज का अकाल है।

कुपोषण का शिकार: पीओके में करीब 29% लोग गंभीर कुपोषण का शिकार हैं, जो पाकिस्तान के राष्ट्रीय औसत (19.9%) से कहीं ज्यादा है।

खराब स्वास्थ्य ढांचा: पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ 5 साल से कम उम्र के 39% बच्चों का शारीरिक विकास (Stunting) रुक गया है और इलाज के अभाव में मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख पर 104 के पार पहुंच चुकी है।