यूपी में फिर लौटेगा मानसून: प्रयागराज, बनारस और गोरखपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी और तीखी धूप से बेहाल लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानसून की संभावित विदाई से ठीक पहले प्रदेश में बादलों का एक नया और असरदार दौर दस्तक दे रहा है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और चक्रवाती परिसंचरण के असर से 24 सितंबर से 27 सितंबर के दौरान राज्य भर में व्यापक मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
विभाग ने 24 सितंबर को प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर समेत पूर्वांचल व मध्य यूपी के लगभग 20 जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और 36 से अधिक जिलों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा जताया गया है।
इन 20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर की सुबह से अगले 24 घंटों के लिए जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट के जिलों में भारी वर्षा का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा।
विशेष रूप से अलर्ट पर रखे गए प्रमुख जिले हैं:
प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली
संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर और बलिया
आजमगढ़, मऊ, देवरिया और गोरखपुर
संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर और महराजगंज
सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और अंबेडकरनगर
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी झोंकेदार हवाएं
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने तेज अंधड़ और झोंकेदार हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। करीब 25 जिलों में हवा की सामान्य गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों में बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
हवाओं का सबसे ज्यादा असर प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर के आसपास देखने को मिलेगा। तेज हवाओं के चलते पुराने पेड़ों की टहनियों के टूटने, होर्डिंग्स गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है।
36 जिलों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) का खतरा, अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश के दौरान मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर नागरिकों, विशेषकर किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को सावधान किया है।
लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, बांदा, फतेहपुर, गोंडा और बहराइच समेत 36 से अधिक जिलों में वज्रपात की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों को पक्के मकानों में शरण लेने और ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या मोबाइल टावरों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी है।
तापमान में 6 से 9 डिग्री की गिरावट, 25-26 सितंबर को और बढ़ेगा असर
बीते कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां थमने से अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान थे। मौसम विभाग के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से तापमान में 6 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 सितंबर को बारिश की शुरुआत के बाद 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों (मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर) में 26 और 27 सितंबर को बारिश की तीव्रता बढ़ेगी।