Microsoft's remarkable comeback: 2000 के दशक की गिरावट से 3 ट्रिलियन डॉलर की टेक दिग्गज तक

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India News Live,Digital Desk : 2000 के दशक की शुरुआत में, Microsoft संकट में फंसी हुई थी। आलोचकों ने इसे “पुराना और खत्म” कंपनी घोषित कर दिया था। लेकिन आज यह दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में से एक बन चुकी है। यह सफलता स्ट्रैटेजिक बदलाव, नए नेतृत्व और सही निवेशों का परिणाम है।

Microsoft की गिरावट के कारण

2000 के दशक में कंपनी कई गलतियों के चलते पीछे रह गई थी:

मोबाइल क्रांति की अनदेखी – 2007 में iPhone लॉन्च होने के समय CEO स्टीव बाल्मर ने इसका महत्व नहीं समझा।

इंटरनेट एक्सप्लोरर की सुस्ती – सुरक्षा खामियों और धीमी गति के कारण यूजर्स Chrome और Firefox की ओर चले गए।

Windows Vista की विफलता – XP के सफल दौर के बाद Vista धीमा और हार्डवेयर संगत नहीं था।

कानूनी लड़ाई – अमेरिका और यूरोप में एंटी-मोनोपॉली मुकदमे।

Microsoft की वापसी का रास्ता

2014 में सत्या नडेला के नेतृत्व में कंपनी ने खुद को बदल दिया:

क्लाउड फर्स्ट, मोबाइल फर्स्ट: Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म को फोकस बनाया, जो अब कंपनी की प्रमुख कमाई का स्रोत है।

राइवल्स के साथ कोलैबोरेशन: Office को iPhone और Android पर लाया, Linux को अपनाया।

रणनीतिक अधिग्रहण: LinkedIn, GitHub और Minecraft खरीदे, जिससे प्रोफेशनल और डेवलपर कम्युनिटीज तक पहुंच मिली।

AI में निवेश: OpenAI में अरबों का निवेश, जिससे Microsoft AI के क्षेत्र में सबसे आगे है।

मौजूदा स्थिति

कंपनी का मूल्य: $3.05 ट्रिलियन

ऑपरेशन: 200+ देशों में

भारत में कर्मचारी: 20,000+

क्लाउड उपयोग: फॉर्च्यून 500 कंपनियों में से 95%

इतिहास की झलक

स्थापना: 4 अप्रैल 1975 – बिल गेट्स और पॉल एलन ने 'माइक्रोकंप्यूटर + सॉफ्टवेयर' मिलाकर Microsoft की स्थापना की।

सबसे बुरा दौर: 2012-13 – Windows 8 फेल, Nokia अधिग्रहण नुकसानदायक, Surface RT से $900 मिलियन का नुकसान।

शेयर कीमत में उछाल

2013 में Microsoft का शेयर $26 था, जो अब बढ़कर $450+ हो गया है, यह निवेशकों के भरोसे और मार्केट वैल्यू में जबर्दस्त उछाल दर्शाता है।