स्मार्टफोन मार्केट में माइक्रोसॉफ्ट की हार: स्टीव बाल्मर ने खुद की गलती मानी
India News Live, Digital Desk: माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ स्टीव बाल्मर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में यह स्वीकार किया कि कंपनी की विंडोज को लेकर अत्यधिक आत्मविश्वास ने उसे स्मार्टफोन की दुनिया में पीछे कर दिया। 'एक्वायर्ड पॉडकास्ट' में बात करते हुए बाल्मर ने कहा, “हम जरूरत से ज्यादा कॉन्फिडेंट थे।”
उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज को ऐसे क्षेत्रों में धकेलने की कोशिश की, जहां वह स्वाभाविक रूप से फिट नहीं बैठता था। इसके बजाय, उन्हें हर प्लेटफॉर्म के लिए अलग और खास समाधान बनाने चाहिए थे।
बाल्मर की ये बातें एंड्रॉयड के को-फाउंडर रिच माइनर के उस बयान से मिलती-जुलती हैं, जिसमें उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की हार की वजह बिल गेट्स के फैसलों को बताया था।
जनवरी में एक पोस्ट में रिच माइनर ने लिखा था कि उन्होंने एंड्रॉयड इसलिए बनाने में मदद की थी ताकि माइक्रोसॉफ्ट मोबाइल की दुनिया में वैसा ही नियंत्रण न कर पाए जैसा उसने पीसी के साथ किया। उन्होंने कहा, “बिल गेट्स को एंड्रॉयड से हारने की बात करते देखना मजेदार लगता है। और हां, सॉरी बिल… तुम खुद ही 400 बिलियन डॉलर की हार के जिम्मेदार हो।”
बाल्मर ने आगे बताया कि विंडोज को उन जगहों पर जबरन लागू करने की कोशिश की गई, जहां वह यूजर के लिए नेचुरल एक्सपीरियंस नहीं दे सका—जैसे विंडोज मोबाइल और कारों में चलने वाले ऐप्स।
उन्होंने माना कि माइक्रोसॉफ्ट के अंदर एक तरह की 'पैरानॉयड कॉन्फिडेंस' थी। कंपनी को लगता था कि विंडोज उसका जन्मसिद्ध अधिकार है और किसी भी नए मार्केट में उसे प्रवेश करने की इजाज़त मिलनी ही चाहिए। यही सोच कंपनी को TV और मीडिया जैसे क्षेत्रों में धकेलती रही, जहां सादा विंडोज भी स्पेशलाइज्ड सिस्टम्स का मुकाबला नहीं कर सका।