मेहुल चोकसी का भारत प्रत्यर्पण अब लगभग पक्का, बेल्जियम कोर्ट ने दी मंजूरी
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-22 16:22:00
India News Live,Digital Desk : भगोड़े हीरा कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। बेल्जियम की कोर्ट ने चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है।
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चोकसी के प्रत्यर्पण में कोई कानूनी बाधा नहीं है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है।
बेल्जियम कोर्ट ने चोकसी को बताया प्रत्यर्पण योग्य
अप्रैल में बेल्जियम की कोर्ट ने मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी को सही ठहराया था। अब कोर्ट ने कहा कि चोकसी बेल्जियम का नागरिक नहीं है और उस पर लगे आरोप गंभीर हैं। यही कारण है कि उसका प्रत्यर्पण संभव है। भारत ने बेल्जियम को जानकारी दी थी कि चोकसी पर लगे आरोप बेल्जियम में भी अपराध की श्रेणी में आते हैं।
मेहुल चोकसी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 201, 409, 420 और 477ए के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी उस पर लागू होती हैं, जिनमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है।
बेल्जियम कोर्ट का मानना है कि चोकसी की भूमिका एक तरह से आपराधिक गिरोह, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैरकानूनी काम करने में शामिल रही है।
चोकसी को कोर्ट से झटका
चोकसी ने दावा किया था कि उसे एंटीगुवा से अपहरण कर बेल्जियम लाया गया और भारत में उसे राजनीतिक प्रताड़ना का खतरा है। लेकिन बेल्जियम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
बेल्जियम कोर्ट ने भारत की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर यह भी बताया कि चोकसी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा। वहां उसका बैरक नंबर 12 होगा। भारत ने आश्वासन दिया है कि उसे केवल चिकित्सकीय जरूरत या कोर्ट में पेशी के समय ही बाहर निकाला जाएगा।
चोकसी ने कोर्ट में कई विशेषज्ञ रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज पेश किए, लेकिन बेल्जियम कोर्ट ने किसी भी दस्तावेज को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने साफ कहा कि चोकसी ने व्यक्तिगत खतरे का प्रमाण नहीं दिया।
चोकसी का यह भी दावा था कि भारत की न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है और मीडिया कवरेज के कारण निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी। कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया और कहा कि बड़े वित्तीय घोटाले में सामान्य लोगों और मीडिया की रुचि स्वाभाविक है।