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September 06 2026 03:56 am

टाटा ग्रुप की कंपनी तेजस नेटवर्क्स के शेयर में आया जबर्दस्त तूफान: 7 महीने में 105% उछलकर 613 रुपये के पार पहुंचा भाव

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भारतीय शेयर बाजार में जब भी भरोसे, वेल्थ क्रिएशन और दीर्घकालिक मल्टीबैगर रिटर्न की बात आती है, तो निवेशकों की पहली पसंद देश का सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक घराना 'टाटा ग्रुप' (Tata Group) बनता है। शुक्रवार को जब घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, तब टाटा समूह की प्रमुख टेलीकॉम और डेटा नेटवर्किंग उपकरण निर्माता कंपनी तेजस नेटवर्क्स लिमिटेड (Tejas Networks Ltd) के शेयरों ने ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया कि दलाल स्ट्रीट के दिग्गज निवेशक भी दंग रह गए। शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 के कारोबारी सत्र के आखिरी घंटों में भारी लिवाली के चलते तेजस नेटवर्क्स का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त तेजी के साथ 613.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

इस जोरदार तेजी के साथ ही कंपनी के शेयरों ने पिछले सात महीने से कुछ अधिक समय में अपने निवेशकों की पूंजी को दोगुना (100% से अधिक रिटर्न) करने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। 27 जनवरी 2026 को तेजस नेटवर्क्स का शेयर 294.10 रुपये के अपने 52-हफ्तों के सबसे निचले स्तर (52-Week Low) पर संघर्ष कर रहा था। लेकिन वहां से शुरू हुई इस बुल-रैली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मात्र 7 महीनों के भीतर स्टॉक 105 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 613.90 रुपये पर जा पहुंचा। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, शेयर अब अपने 52 हफ्तों के ऑल-टाइम हाई 644.75 रुपये को दोबारा टेस्ट करने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है। अकेले इस साल (2026 में अब तक) कंपनी के शेयर में 36 प्रतिशत से अधिक की मजबूत बढ़त दर्ज की जा चुकी है।

TCS से मिला 1,537 करोड़ रुपये का मेगा ऑर्डर: BSNL के 18,685 मोबाइल टावरों को 4G से लैस करेगी तेजस

तेजस नेटवर्क्स के शेयरों में आई इस रॉकेट जैसी तेजी के पीछे कोई सट्टेबाजी नहीं, बल्कि टाटा ग्रुप की आंतरिक रणनीतिक साझेदारी और एक अत्यंत विशाल बिजनेस डील है। तेजस नेटवर्क्स ने शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग (Exchange Filing) में खुलासा किया है कि उसे टाटा समूह की आईटी दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से 1,537 करोड़ रुपये का बड़ा लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) हासिल हुआ है।

यह ऐतिहासिक अनुबंध सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के महत्वाकांक्षी पैन-इंडिया 4G/5G मोबाइल नेटवर्क विस्तार से जुड़ा हुआ है। समझौते के तहत तेजस नेटवर्क्स देश भर की 18,685 मोबाइल टावर साइट्स पर BSNL के लिए अत्याधुनिक रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) उपकरण, संबंधित एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटेरियल्स की आपूर्ति करेगी। वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि अकेले 1,537 करोड़ रुपये का यह सिंगल ऑर्डर तेजस नेटवर्क्स के जून 2026 तिमाही के अंत तक दर्ज कुल ऑर्डर बुक से कहीं अधिक विशाल है। यह डील सीधे तौर पर साबित करती है कि भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी के रोलआउट में तेजस नेटवर्क्स सबसे अग्रणी और अनिवार्य खिलाड़ी बनकर उभरी है।

6 साल में 894% का छप्परफाड़ रिटर्न: 61 रुपये से 600 के पार पहुंची 'पैसे छापने की मशीन'

यदि तेजस नेटवर्क्स के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड और लंबी अवधि के रिटर्न चार्ट पर नजर डाली जाए, तो यह शेयर सही मायनों में 'वेल्थ जनरेटर' साबित हुआ है। आज से ठीक छह साल पहले, यानी 4 सितंबर 2020 को कंपनी के एक शेयर की कीमत मात्र 61.75 रुपये थी। आज 4 सितंबर 2026 को यह शेयर 613.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। यानी पिछले 6 वर्षों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 894 प्रतिशत का अविश्वसनीय रिटर्न दिया है।

गणित के आसान शब्दों में समझें तो यदि किसी निवेशक ने 2020 में तेजस नेटवर्क्स में 1 लाख रुपये का धैर्यपूर्वक निवेश किया होता, तो आज उसके उस 1 लाख रुपये की बाजार कीमत बढ़कर लगभग 10 लाख रुपये हो चुकी होती। पिछले पांच वर्षों में भी इस शेयर ने 66 प्रतिशत से ज्यादा की ठोस पूंजीगत वृद्धि दिखाई है।

75 से अधिक देशों में फैला कारोबार: क्या करती है तेजस नेटवर्क्स?

साल 2021 में जब टाटा संस की सहायक कंपनी पैनाटोन फिनवेस्ट ने तेजस नेटवर्क्स में बहुलांश हिस्सेदारी (प्रमोटर कंट्रोल) खरीदी थी, तभी से यह साफ हो गया था कि टाटा ग्रुप वैश्विक टेलीकॉम हार्डवेयर बाजार में चीन की हुआवेई और यूरोप की एरिक्सन व नोकिया जैसी कंपनियों को सीधी टक्कर देने का विजन रखता है।

तेजस नेटवर्क्स अत्याधुनिक ऑप्टिकल, ब्रॉडबैंड और वायरलेस नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स डिजाइन और तैयार करती है। इसके बनाए गए उपकरणों का इस्तेमाल सेलुलर टावर्स, बड़े डेटा सेंटर्स, टेलीकॉम एक्सचेंजों और रक्षा संचार नेटवर्क्स में मुख्य रीढ़ के रूप में किया जाता है। कंपनी का कारोबार केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के 75 से अधिक देशों में प्रमुख टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स, यूटिलिटीज और सरकारी उपक्रमों को अपने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस निर्यात करती है। कंपनी की इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) टीम और स्वदेशी सेमीकंडक्टर व 5G स्टैक पर उसकी पकड़ उसे वैश्विक स्तर पर भारी लागत लाभ प्रदान करती है।

टेलीकॉम बूम और टाटा इकोसिस्टम का फायदा: निवेशकों के लिए आगे क्या हैं अवसर और सावधानियां?

भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार है, जहां डेटा की खपत हर महीने रिकॉर्ड तोड़ रही है। BSNL द्वारा देश भर में 1 लाख से अधिक स्वदेशी 4G टावर लगाए जाने और आने वाले समय में उन्हें सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए 5G में बदले जाने की पूरी जिम्मेदारी TCS और तेजस नेटवर्क्स के गठबंधन के पास है। टाटा ग्रुप का यह एकीकृत मॉडल—जिसमें टीसीएस सॉफ्टवेयर और सिस्टम इंटीग्रेशन संभालती है और तेजस नेटवर्क्स हार्डवेयर व रेडियो इक्विपमेंट मुहैया कराती है—कंपनी को आने वाले कई वर्षों तक लगातार नए रेवेन्यू और मुनाफे की मजबूत दृश्यता (Earning Visibility) प्रदान करता है।

हालांकि, बाजार के जानकारों और सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर्स का यह भी कहना है कि किसी भी शेयर में 7 महीने के भीतर 100% से अधिक की तीव्र बढ़त आने के बाद ऊपरी स्तरों पर हल्की मुनाफावसूली या कंसॉलिडेशन (ठहराव) देखने को मिल सकता है। इसलिए खुदरा निवेशकों को किसी भी तेजी के दौर में अत्यधिक उत्साह में आकर केवल ऊपरी स्तरों पर एकमुश्त खरीदारी (FOMO Buying) से बचना चाहिए। जो निवेशक भारत के स्वदेशी 5G क्रांति, सेमीकंडक्टर मिशन और टाटा समूह के विजन पर भरोसा रखते हैं, उनके लिए मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से किसी भी तकनीकी गिरावट (Dips) पर धीरे-धीरे एक्युमुलेट करना एक बेहतर और संतुलित रणनीति साबित हो सकती है।