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September 06 2026 09:18 am

उत्तरकाशी में कुदरत का कहर: बादल फटने से मची तबाही, कई लोग लापता, राहत कार्य जारी

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India News Live,Digital Desk : उत्तरकाशी के धराली गाँव में मंगलवार दोपहर बादल फटने से तबाही मच गई। पूरा गाँव खाली करा दिया गया है। बादल फटने से खीरगंगा नदी में बाढ़ आ गई है। बाढ़ से निचले इलाकों में भारी तबाही हुई है। कई होटल और घर मलबे में दब गए हैं और कई लोग लापता हैं। इसे देखते हुए ज़िला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

यहां संपर्क करें 

- 01374222126
- 222722
- 9456556431

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार में हेल्पलाइन नंबर 

01374-222722, 7310913129, 7500737269 टोल फ्री नंबर-1077, ERSS टोल फ्री नंबर-112

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून में हेल्पलाइन नंबर

0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 टोल फ्री नंबर-1070, ERSS
टोल फ्री नंबर-112

चार मौतों की पुष्टि 

डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि धराली हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है। जैसे ही पानी का बहाव गाँव की ओर आया, लोग चीखने-चिल्लाने लगे। कई होटलों में पानी और मलबा घुस गया है। धराली बाज़ार पूरी तरह से तबाह हो गया है।

50 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना

उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में मंगलवार को भीषण बादल फटने से तबाही मच गई। गंगोत्री रोड स्थित धराली गाँव में अचानक आई बाढ़ के कारण कई घर, होटल और होमस्टे जलमग्न हो गए। ज़िला प्रशासन के अनुसार, अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

उत्तरकाशी के एसडीएम देवानंद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा धराली में हुआ है। ज़िलाधिकारी और एसपी समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं। हर्षिल से सेना भी बचाव अभियान में जुटी है। इस शहर में मौजूद होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं। जब तक बचाव अभियान जारी रहेगा, घायलों और मृतकों की पुष्टि नहीं की जा सकती। कम से कम 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इन दिनों पहाड़ों पर भारी बारिश हो रही है। बादल फटने की घटना अचानक हुई, इसलिए लोगों को इसकी जानकारी नहीं हुई। हालाँकि, इस समय पर्यटक कम आ रहे हैं। यहाँ केवल स्थानीय लोग और बाग़ के कर्मचारी ही प्रभावित हुए हैं। घटनास्थल पर अभी बचाव कार्य जारी है। शहर के लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।