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November 07 2026 03:24 am

यूपी में बिजली बिल बकाएदारों पर सबसे बड़ा एक्शन: गोंडा-बहराइच समेत 4 जिलों के 11 लाख उपभोक्ता रडार पर

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उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने और वर्षों से लंबित अरबों रुपये के राजस्व बकाए की वसूली के लिए ऊर्जा विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान छेड़ दिया है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के तहत आने वाले देवीपाटन मंडल के चार प्रमुख तराई जिलों—गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती—के लगभग 11 लाख बिजली उपभोक्ता सीधे तौर पर पावर कारपोरेशन के रडार पर आ गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बिजली बिल का भारी बकाया है या फिर इनके परिसरों में मीटर बाईपास और कटियामारी के जरिए बिजली चोरी का अंदेशा है। इस व्यापक धरपकड़ और वसूली अभियान को अंजाम देने के लिए विभाग ने 263 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया है, जो सीधे उपभोक्ताओं के घर-घर पहुंचकर जांच और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर चुकी हैं।

चार जिलों में अरबों का बकाया, बकाएदारों की कटेगी बिजली

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, देवीपाटन मंडल के इन चार जिलों में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 11 लाख ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से एक भी बिल जमा नहीं किया है। इनमें से कई उपभोक्ताओं पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का व्यक्तिगत बकाया चढ़ा हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो उपभोक्ता बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद बिल जमा करने से बच रहे हैं, उनके कनेक्शन मौके पर ही पोल से काट (डिस्कनेक्ट) दिए जाएंगे। डिस्कनेक्शन के बाद यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से दोबारा लाइन जोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 138 के तहत सीधे थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

263 टीमें घर-घर जाकर खंगालेंगी मीटर, लोड और बाईपास

इस सघन अभियान के लिए बनाई गई 263 टीमों में विद्युत उपखंड अधिकारी (SDO), जूनियर इंजीनियर (JE), लाइनमैन और मीटर रीडर शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विवाद या विरोध की स्थिति से निपटने के लिए इन टीमों के साथ विभागीय विजिलेंस और स्थानीय पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।

मीटर जांच: टीमें डिजिटल बिलिंग मशीनों के साथ घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर और सामान्य मीटरों की सील, डिस्प्ले और रीडिंग का भौतिक सत्यापन करेंगी।

लोड चेकिंग: यदि किसी उपभोक्ता का स्वीकृत भार (लोड) कम है और घर में एसी, मोटर या भारी उपकरण चलते पाए गए, तो मौके पर ही उसका लोड बढ़ाकर जुर्माना लगाया जाएगा।

कटियामारी पर सीधी एफआईआर: मीटर को बाईपास कर या सर्विस केबल में कटिया लगाकर बिजली इस्तेमाल करने वालों पर सीधे बिजली चोरी (विद्युत अधिनियम की धारा 135) की रिपोर्ट दर्ज होगी।

बहराइच और गोंडा में सबसे अधिक बकाएदार, बलरामपुर-श्रावस्ती भी शामिल

अधिकारियों के अनुसार, देवीपाटन मंडल में सबसे बड़ा बकाया गोंडा और बहराइच जनपद में दर्ज है, जहां ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ-साथ कई छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और नलकूप उपभोक्ता भी बकाएदारों की सूची में शीर्ष पर हैं। बलरामपुर और भारत-नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती जिले में भी रिकवरी का प्रतिशत बेहद कम दर्ज किया गया है। पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता स्तर से जारी रोस्टर के तहत इन चारों जिलों के विभिन्न बिजली उपकेंद्रों (Sub-stations) को लक्ष्य सौंपे गए हैं और रोजाना की रिकवरी व डिस्कनेक्शन रिपोर्ट सीधे मुख्यालय को प्रेषित की जा रही है।

ओटीएस और किस्तों में भुगतान का मौका, वर्ना होगी आरसी जारी

विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से कानूनी कार्रवाई और कनेक्शन कटने की परेशानी से बचने के लिए तुरंत नजदीकी उपकेंद्र या ऑनलाइन माध्यम से बकाया जमा करने की अपील की है। जो उपभोक्ता एकमुश्त पूरी राशि नहीं दे सकते, उन्हें नियमों के तहत आसान किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दिया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जो उपभोक्ता जांच टीम के साथ असहयोग करेंगे या भुगतान से पूरी तरह मना करेंगे, उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (RC) जारी कर तहसील प्रशासन के जरिए कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आने वाले दिनों में चलने वाले इस महा-अभियान से पूरे देवीपाटन मंडल में बिजली बकाएदारों और कटियाबाजों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।