यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की 'राज्य सलाहकार परिषद' गठित: इमरान प्रतापगढ़ी की टीम में 100 दिग्गज शामिल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों और जमीनी संगठन को धार देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी संगठनात्मक कवायद की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की 100 सदस्यीय 'राज्य सलाहकार परिषद' (State Advisory Council) के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह परिषद प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों, नीतियों, सामाजिक न्याय और आगामी चुनावी रणनीतियों पर पार्टी को सीधा परामर्श देगी। इमरान प्रतापगढ़ी ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि यह टीम पार्टी की समावेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी।
राष्ट्रीय दिग्गजों से लेकर जमीनी चेहरों तक को मिला स्थान
जारी की गई 100 सदस्यीय सूची में वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, पूर्व मंत्रियों और जमीनी कार्यकर्ताओं का संतुलित संगम देखने को मिला है।
प्रमुख चेहरे: परिषद में यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना', पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, सहारनपुर सांसद इमरान मसूद और यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सोहेल अख्तर अंसारी प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।
विविधता का ध्यान: मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ ईसाई, सिख और अन्य अल्पसंख्यक वर्गों के प्रतिनिधियों को भी परिषद में उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसमें सरदार कुलदीप सिंह, हरप्रीत सिंह चब्बा, सिमोन पेट्रिक, रूबी खान, महमूद खान, अरशद अली, समीना शफीक, रुही जुबैरी, डॉ. जफरुल्लाह, हिलाल नकवी और इंदु गौतम जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
2027 चुनाव से पहले मुस्लिम और अल्पसंख्यक वोट बैंक साधने की रणनीति
उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम मतदाता परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक धुरी रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में 'इंडिया' गठबंधन के तहत कांग्रेस को मिले भारी अल्पसंख्यक समर्थन के बाद पार्टी अब इस जनाधार को सिर्फ गठबंधन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि अपने खुद के संगठनात्मक ढांचे को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने में जुटी है। 100 प्रमुख नेताओं की यह राज्य सलाहकार परिषद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, रुहेलखंड, पूर्वांचल और मध्य यूपी के हर जिले में सक्रिय होकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार करेगी।
'अजय राय के मार्गदर्शन में लड़ी जाएगी सामाजिक न्याय की लड़ाई'
इमरान प्रतापगढ़ी ने परिषद की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के कुशल मार्गदर्शन में यह टीम संगठनात्मक ढांचे को नई ऊर्जा देगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में संविधान, लोकतंत्र और अल्पसंख्यक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है जो बिना किसी समझौते के हर तबके के मान-सम्मान और हक के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष कर रही है। यह नई टीम जिलों में जाकर अल्पसंख्यकों के बुनियादी सवालों, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और वक्फ से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जाएगी और पार्टी नेतृत्व को जमीनी फीडबैक उपलब्ध कराएगी।