Magh Mela 2026 in Prayagraj : महाकुंभ के बाद त्रिवेणी संगम पर पहली बार होगा विशाल आयोजन
India News Live,Digital Desk : संगम नगरी प्रयागराज अगले वर्ष 2026 में माघ मेला के लिए तैयार हो रही है। यह महाकुंभ के बाद त्रिवेणी तट पर आयोजित होने वाला पहला बड़ा धार्मिक मेला होगा। इस बार माघ मेले में पिछले आयोजन (2024) की तुलना में दोगुनी भीड़ की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की योजना
इस विशाल जनसमूह को सुरक्षित और सुगम तरीके से व्यवस्थित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे ने 150 मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इसका उद्देश्य है श्रद्धालुओं के आवागमन को आरामदायक और व्यवस्थित बनाना।
150 मेमू ट्रेनों का महत्व
उत्तर मध्य रेलवे ने विभिन्न दिशाओं जैसे कानपुर, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और मुंबई के लिए 150 मेमू ट्रेनों का प्रस्ताव दिया है। इन ट्रेनों से यात्रियों को सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी और भीड़ वाले जंक्शन पर दबाव कम होगा।
मेला के बाद भी ट्रेनों का संचालन
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बताया कि इन 150 ट्रेनों में से कई को मेला समाप्त होने के बाद भी नियमित रूप से चलाने की योजना है। इससे प्रयागराज रेल नेटवर्क को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
यात्री मूवमेंट और रोडमैप योजना
माघ मेला 2026 की तैयारियों की पहली उच्च-स्तरीय बैठक हो चुकी है। इसमें रेलवे, पुलिस और राज्य प्रशासन ने मिलकर यात्रियों के मूवमेंट प्लान को अंतिम रूप दिया।
महाप्रबंधक ने कहा,
"महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में हमने रेल व्यवस्था का अनुभव लिया है। हमारे कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ माघ मेले में भी यात्रियों की सेवा करेंगे।"
तकनीकी और ढांचागत उन्नयन
रेलवे ने सभी होल्डिंग एरिया, फुट ओवर ब्रिज और अधूरे कार्यों को दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इससे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचा जा सकेगा और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
होमल्डिंग एरिया और भीड़ प्रबंधन
प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया युद्धस्तर पर पुनः सक्रिय किए जाएंगे।
मुख्य स्टेशन हैं:
- प्रयागराज जंक्शन
- सूबेदारगंज
- छिवकी
- नैनी
- रामबाग
- झूंसी
- प्रयागराज संगम
- प्रयाग
- फाफामऊ
इन स्टेशनों पर अतिरिक्त बुकिंग काउंटर, पूछताछ केंद्र और अस्थायी प्रतीक्षालय भी स्थापित किए जाएंगे।
महाकुंभ मॉडल पर आधारित यात्री मूवमेंट प्लान
2013 और 2019 के महाकुंभ में अपनाए गए सफल यात्री मूवमेंट प्लान को इस माघ मेले में भी लागू किया जाएगा। इसमें तकनीकी पहलुओं और दिशा-निर्देशों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वन-वे ट्रैफिक और प्लेटफार्म प्रबंधन
- प्रत्येक प्लेटफार्म को विशिष्ट गंतव्य के लिए आरक्षित किया जाएगा।
- स्टेशन परिसर और एफओबी पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू होगा।
- सीसीटीवी और जीपीएस निगरानी प्रणाली से भीड़ पर नजर रखी जाएगी।
उन्नत तकनीकी सुविधाएं
रेलवे मोबाइल टिकट बुकिंग, पीआरएस काउंटरों की संख्या बढ़ाना, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और सफाई-स्वच्छता पर विशेष ध्यान देगा।
माघ मेला 2026 को महाकुंभ की तरह सफल बनाने का प्रयास
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर मध्य रेलवे पूरी क्षमता के साथ, राज्य और पुलिस प्रशासन के सहयोग से माघ मेला 2026 को भी सुरक्षित और सफल आयोजन बनाएगी।