मुंबई में आफत की बारिश से थमी जिंदगी, वंदे भारत सहित कई ट्रेनें रद्द
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी और मायानगरी मुंबई इस समय भीषण मानसूनी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। बीते एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश ने मुंबई और उसके उपनगरों में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र के कई संवेदनशील जिलों में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि प्रशासन को इतिहास बरतते हुए स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख सरकारी दफ्तरों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी है। रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण अहमदाबाद-मुंबई वंदे भारत और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों समेत दर्जनभर से अधिक ट्रेनों को अचानक रद्द करना पड़ा है, जिससे हजारों रेल यात्री विभिन्न स्टेशनों पर फंस गए हैं। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबईवासियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण वेदर अपडेट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि इस आफत की बारिश से लोगों को कब तक राहत मिल सकती है।
मुंबई-ठाणे समेत इन जिलों में 'रेड अलर्ट': 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, बुधवार को मुंबई और उसके आस-पास के मैदानी इलाकों में तेज चक्रवाती हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। पालघर के कुछ सुदूर और अलग-अलग इलाकों में बादलों के गरजने के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही, कोंकण के तटीय क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते कोंकण तट पर समुद्र में कई मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है।
राहत की तारीख आई सामने: इस दिन से थमेगा बारिश का दौर
लगातार हो रही बारिश से बेहाल मुंबईवासियों के लिए राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने मानसून के धीमा होने की तारीख का भी खुलासा कर दिया है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, मुंबई और उसके नजदीकी इलाकों में 9 जुलाई के बाद से मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की प्रबल संभावना है। हालांकि, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे तटीय जिलों में कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 12 जुलाई से महाराष्ट्र के अधिकांश जिलों में केवल हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे जलभराव की स्थिति से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। इस दौरान आपदा प्रबंधन टीम (BMC) ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी जलभराव वाले निचले इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें और घर से बाहर निकलने से पहले ट्रैफिक और लोकल ट्रेनों का लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें।
नवसारी में पटरियां डूबीं: वंदे भारत, तेजस और कर्णावती एक्सप्रेस समेत ये ट्रेनें हुई पूरी तरह रद्द
पश्चिमी रेलवे (Western Railway) के तहत आने वाले नवसारी-मरोली रेल सेक्शन में भारी बारिश के कारण पटरियां पानी में पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिसके चलते रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द करने और कई के मार्ग बदलने का फैसला किया है। भुज से चलकर मुंबई आने वाली भुज-दादर सयाजीनगरी एक्सप्रेस को गांधीधाम स्टेशन पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट (यात्रा समाप्त) कर दिया गया है। इसके अलावा, अप-डाउन रूट की दादर-भुज सयाजीनगरी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-बांद्रा टर्मिनस कर्णावती एक्सप्रेस, अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल एसी डबल डेकर एक्सप्रेस, अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस और यात्रियों की पसंदीदा अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस को आज के लिए पूरी तरह से कैंसिल कर दिया गया है। वहीं लंबी दूरी की श्री गंगानगर-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस को डायवर्ट करके सूरत-जलगांव-मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल मार्ग से चलाया जा रहा है।
हादसों से कांपी मुंबई: वडाला और मानखुर्द में इमारतें ढहीं, पेड़ गिरने से भी गई जान
आफत की इस मानसूनी बारिश के बीच मुंबई के अलग-अलग हिस्सों से दर्दनाक हादसों की खबरें भी सामने आ रही हैं। बुधवार की सुबह मुंबई के वडाला (पूर्व) इलाके में एक जर्जर इमारत की पहली मंजिल का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। स्थानीय दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मलबे की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, मुंबई के ही मानखुर्द इलाके में एक अन्य आवासीय इमारत के ढह जाने से छह निर्दोष लोगों की मलबे में दबकर दुखद मौत हो गई थी। वहीं, कुर्ला (पश्चिम) इलाके में मुख्य सड़क पर एक विशाल और भारी-भरकम पेड़ अचानक उखड़कर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक 63 वर्षीय बुजुर्ग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लगातार हो रहे इन हादसों को देखते हुए बीएमसी की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।