कर्नाटक के नए सीएम डीके शिवकुमार: सिर्फ सियासी रसूख ही नहीं, 1400 करोड़ की संपत्ति के भी हैं मालिक

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India News Live,Digital Desk : कर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार का नाम एक कद्दावर और प्रभावशाली नेता के रूप में दर्ज है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान संभालने जा रहे हैं। उनका सियासी कद जितना ऊंचा है, उनकी आर्थिक संपन्नता भी उतनी ही चर्चा का विषय रहती है। आइए, एक नज़र डालते हैं उनके पास मौजूद करोड़ों की संपत्ति और रसूख पर।

संपत्ति का विवरण: 1400 करोड़ का साम्राज्य

साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, डीके शिवकुमार कर्नाटक के सबसे अमीर राजनेताओं में से एक हैं। उनकी कुल नेटवर्थ 1400 करोड़ रुपये से अधिक है।

चल संपत्ति: डीके शिवकुमार के पास करीब 244 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जो उनके परिवार को जोड़ने पर 273 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।

बैंक बैलेंस: उनके और उनके परिवार के बैंक खातों में 16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।

अचल संपत्ति: केवल डीके के नाम 970 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। परिवार को मिलाकर यह आंकड़ा 1140 करोड़ रुपये हो जाता है।

खेती की जमीन: डीके और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है।

रियल एस्टेट और कॉमर्शियल निवेश

डीके शिवकुमार का निवेश केवल जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कई बड़े कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स के भी मालिक हैं:

ग्लोबल मॉल: हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 'ग्लोबल मॉल' जैसा बड़ा कॉमर्शियल एसेट है, जिसकी कीमत करीब 900 करोड़ रुपये आंकी गई है।

आवासीय संपत्तियां: दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक उनके पास कई आलीशान घर हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 84 करोड़ रुपये बताई गई है।

अन्य निवेश: उन्होंने शेयर बाजार में भी बड़ा निवेश कर रखा है। इसके अलावा, उनके पास 9 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) है।

आभूषण: डीके शिवकुमार, उनकी पत्नी और बच्चों के पास 3.2 करोड़ रुपये से अधिक के कीमती आभूषण हैं।

कनकपुरा के गांव से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर

15 मई 1962 को कर्नाटक के रामनगर जिले के 'दोड्डआलाहल्ली' गांव में जन्मे डीके शिवकुमार का परिवार वोक्कालिगा समुदाय से आता है, जिसका कर्नाटक की राजनीति में गहरा प्रभाव है। 1980 के दशक में एनएसयूआई (NSUI) के साथ जुड़कर अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले डीके ने महज 23 साल की उम्र में एचडी देवगौड़ा के खिलाफ पहला चुनाव लड़ा था। हालांकि उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 1989 में जीत के बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वे कुल 8 बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।