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July 20 2026 09:17 pm

Kamaraj Jayanti एक सच्चे जननेता को प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि, याद किया उनका समर्पण और नेतृत्व

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India News Live,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि कामराज न सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि आज़ादी के बाद देश को दिशा देने वाले नेताओं में से एक रहे।

प्रधानमंत्री ने लिखा,
"मैं के. कामराज को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा रहे और आज़ादी के बाद देश को बेहतरीन नेतृत्व दिया। सामाजिक न्याय और उच्च मूल्यों के प्रति उनका समर्पण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा है।"

कामराज को भारतीय राजनीति में "किंगमेकर" के रूप में जाना जाता है। वे न केवल तमिलनाडु की राजनीति में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शिता के लिए प्रसिद्ध रहे। उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव ठुकराया क्योंकि वे पार्टी को मज़बूत करना चाहते थे, न कि सत्ता का हिस्सा बनना।

कौन थे के. कामराज?

के. कामराज का पूरा नाम कुमारस्वामी कामराज था। उनका जन्म 15 जुलाई 1903 को तमिलनाडु के विरुधुनगर में हुआ था। वे 1952 से 1954 और फिर 1969 से 1975 तक लोकसभा सांसद रहे। साथ ही, 1954 से 1967 तक मद्रास विधानसभा में भी उनका प्रतिनिधित्व रहा।

कामराज 1954 में मद्रास राज्य (अब तमिलनाडु) के मुख्यमंत्री बने और 1963 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने पूरी तरह से संगठन निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया और 1964 से 1967 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।

उनका राजनीतिक जीवन ईमानदारी, जनता के प्रति सेवा और सिद्धांतों पर अडिग रहने का उदाहरण रहा। आज भी उन्हें जननेता, संगठनकर्ता और प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाता है।