घरेलू शेयर बाजारों में आज फिर भारी गिरावट: सेंसेक्स 555 अंक लुढ़ककर 75,578 पर बंद, निफ्टी 23,650 के नीचे फिसला
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
दिन के कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) 555.23 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 75,578 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी (NSE Nifty 50) 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत का गोता लगाकर 23,650 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए 23,635 के स्तर पर आ गया।
प्राइवेट बैंकों और हैवीवेट शेयरों ने बढ़ाई गिरावट
दलाल स्ट्रीट पर आज सबसे ज्यादा मार निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंकों और इंडेक्स के भारी-भरकम शेयरों पर पड़ी:
बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में फिसलन: निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी आई। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।
निफ्टी के टॉप लूजर्स: निफ्टी 50 की कंपनियों में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस सबसे ज्यादा 2.05 प्रतिशत टूटकर टॉप लूजर रहा। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक (-1.97%), एक्सिस बैंक (-1.67%), अल्ट्राटेक सीमेंट (-1.49%) और लार्सन एंड टुब्रो (-1.33%) में तेज गिरावट दर्ज की गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भी दबाव: देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जिसने सूचकांक को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई।
इन वजहों से कांपे बाजार: क्रूड ऑयल और फेड की चिंताएं
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा गिरावट के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण सक्रिय हैं:
कच्चे तेल में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का दबाव बढ़ा रही हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का डर: अमेरिका में उम्मीद से मजबूत आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में लंबे समय तक सख्ती बरतने या बढ़ोतरी की आशंका से विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
प्राइमरी मार्केट (IPO) की तरफ पूंजी का प्रवाह: प्राथमिक बाजार में कई बड़े आईपीओ के आने से सेकेंडरी मार्केट से नकदी (लिक्विडिटी) का कुछ हिस्सा उधर शिफ्ट हो रहा है।
चौतरफा बिकवाली के बीच डिफेंस और मिड-स्मॉलकैप शेयरों में दिखी मजबूती
बेंचमार्क सूचकांकों के कमजोर प्रदर्शन के विपरीत व्यापक बाजार (Broader Market) और चुनिंदा सेक्टर्स ने सकारात्मक रुझान दिखाया:
डिफेंस शेयरों में बंपर तेजी: निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 2.50 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ बंद हुआ। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त रही।
अडानी पोर्ट्स और फार्मा मजबूत: अडानी पोर्ट्स के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुए। इसके अलावा निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 0.77 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया ने 1.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
मिडकैप और स्मॉलकैप हरे निशान में: निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.21 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.17 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।
आगे क्या करें निवेशक? 23,600 का स्तर होगा बेहद अहम
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी 50 के लिए 23,600 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम करेगा। यदि सूचकांक 23,600 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो शॉर्ट टर्म में शॉर्ट कवरिंग के जरिए 23,800 से 24,000 की ओर रिकवरी की संभावना बन सकती है। हालांकि, यदि यह सपोर्ट टूटता है, तो बाजार में और गिरावट का खतरा बना रहेगा। जानकारों की सलाह है कि बाजार में स्थिरता आने तक निवेशक आक्रामक पोजीशन लेने से बचें और मजबूत बुनियादी आधार वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश (SIP मोड) पर ध्यान दें।