Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर इन मंत्रों का जप करें, श्री हरि के साथ मिलेगा गुरु कृपा का आशीर्वाद

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India News Live,Digital Desk : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सबसे अधिक फलदायी माना गया है, लेकिन जया एकादशी का महत्व इससे भी आगे है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की यह एकादशी व्यक्ति को भय, पाप और नकारात्मक प्रभावों से मुक्त कर जीवन में विजय का मार्ग प्रशस्त करती है। इस वर्ष जया एकादशी 29 जनवरी 2026, गुरुवार यानी आज के दिन मनाई जा रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने और विधि-विधान से पूजा करने से न केवल भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन में सुख-शांति और स्थिरता भी आती है।

गुरुवार को जया एकादशी का विशेष संयोग

इस बार जया एकादशी गुरुवार के दिन पड़ रही है, जिसे भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। ऐसे में इस दिन बृहस्पति देव के 108 नामों का जप करना विशेष फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि इससे कुंडली में गुरु दोष शांत होता है और व्यक्ति को श्री हरि का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

जया एकादशी पर क्यों करें मंत्र जप

शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन किया गया मंत्र जप जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है। यह व्रत भय, रोग और मानसिक अशांति से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। जो श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सफलता और स्थिरता बनी रहती है।

बृहस्पति देव के 108 नामों का पाठ

जया एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और शांत मन से इन मंत्रों का जप करें—

ॐ गुरवे नमः
ॐ गुणाकराय नमः
ॐ गोप्त्रे नमः
ॐ गोचराय नमः
ॐ गोपतिप्रियाय नमः
ॐ गुणिने नमः
ॐ गुणवंतांश्रेष्ठाय नमः
ॐ गुरूनां गुरवे नमः
ॐ अव्ययाय नमः
ॐ जेत्रे नमः
ॐ जयंताय नमः
ॐ जयदाय नमः
ॐ जीवाय नमः
ॐ अनंताय नमः
ॐ जयावहाय नमः
ॐ अंगीरसाय नमः
ॐ वाचस्पतये नमः
ॐ बृहस्पतये नमः
ॐ सुराचार्याय नमः
ॐ दयाकराय नमः
ॐ दारिद्र्यनाशनाय नमः
ॐ लोकत्रयगुरवे नमः
ॐ शुभलक्षणाय नमः
ॐ सर्वपूजिताय नमः
ॐ महाबलाय नमः
ॐ काश्यपप्रियाय नमः
ॐ अभीष्टफलदाय नमः
ॐ शुभग्रहाय नमः

मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक इन नामों का जप करने से धन, विद्या, सम्मान और आध्यात्मिक बल की प्राप्ति होती है।

जया एकादशी व्रत से मिलने वाले लाभ

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में विजय का मार्ग खुलता है। यह व्रत मन को शांत करता है, कर्मों को शुद्ध करता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिलाता है।