चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा INDIA ब्लॉक: मार्च में शामिल हुईं जया बच्चन
देश की राजधानी दिल्ली में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली को लेकर सियासी तापमान चरम पर पहुंच चुका है। विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक के 140 से अधिक सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक जोरदार विरोध मार्च निकाला। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक मोर्चा खोल दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त सबकी निगाहें ठहर गईं जब समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ राज्यसभा सांसद जया बच्चन खुद लाल टोपी और तख्ती थामे मार्च में अग्रिम पंक्ति में कदमताल करती नजर आईं।
संसद परिसर से ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए आगे बढ़ रहे इस मार्च के दौरान जब मीडिया ने 76 वर्षीय जया बच्चन से पूछा कि वे इस प्रदर्शन में कितनी दूर तक पैदल चलेंगी, तो उन्होंने बेहद आक्रामक और बेबाक अंदाज में जवाब दिया—"जब तक मेरे पैर साथ देंगे, तब तक चलूंगी।" जया बच्चन ने साफ किया कि यह कोई सामान्य सियासी मार्च नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा करने की आर-पार की लड़ाई है।
'गणेश जी गलत कामों में साथ नहीं देते': जया बच्चन का बीजेपी पर तीखा पलटवार
विरोध मार्च के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए जया बच्चन ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बयानों पर भी कड़ा प्रहार किया। दरअसल, विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले बीजेपी प्रवक्ताओं द्वारा निर्वाचन आयोग के बचाव में दिए गए बयानों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर जया बच्चन ने कहा—"बीजेपी का काम केवल विपक्ष के आरोपों को गलत बताना और नकारना है। लेकिन हमारा जो कर्तव्य है, हम वह पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।"
जया बच्चन ने आगे आध्यात्मिक संदर्भ जोड़ते हुए कहा—"गणेश जी कभी भी गलत कामों में किसी की मदद नहीं करते। हम हर शुभ काम और अपनी प्रार्थनाओं की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से ही करते हैं; वे ही हमारी रक्षा करेंगे। भगवान गणेश हम जैसे सच के लिए लड़ने वालों की देखभाल करेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल सत्ता के इशारे पर हो रहा है, जिसे देश की जागरूक जनता अब कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
संसद से निर्वाचन सदन तक हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल-प्रियंका और अखिलेश भी डटे
संसद के मकर द्वार से शुरू हुए इस विशाल मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 19 विपक्षी दलों के प्रमुख सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसद हाथों में 'वोट चोर गद्दी छोड़', 'लोकतंत्र बचाओ' और सीईसी के इस्तीफे की मांग से जुड़े पोस्टर्स लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
संसद मार्ग और अशोक रोड पर सुरक्षा बलों ने बैरिकेड्स लगाकर सांसदों को रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर भारी गहमागहमी देखने को मिली। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की कोशिशों के बीच विपक्षी नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। विपक्षी दलों की मुख्य मांगों में मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर की स्वतंत्र जांच, पारदर्शिता और चुनाव आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया पर जवाबदेही तय करना शामिल है।
पीडीए (PDA) का पोस्टर लेकर पहुंचीं जया बच्चन: सामाजिक न्याय पर जोर
प्रदर्शन के दौरान जया बच्चन समाजवादी पार्टी के प्रमुख नारे 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से जुड़े मुद्दों का पोस्टर भी हाथों में लिए दिखीं। सपा का आरोप है कि विभिन्न राज्यों में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के नाम पर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे हैं।
जया बच्चन ने कहा कि एक सांसद होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे उन करोड़ों दबे-कुचले लोगों की आवाज बनें जिनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान उनके सख्त तेवर और बिना रुके कदम बढ़ाने के जज्बे ने युवा सांसदों में भी नया जोश भर दिया।
सियासी हलकों में हलचल: क्या बैकफुट पर आएगा चुनाव आयोग?
विपक्षी दलों के इस आक्रामक तेवर ने राष्ट्रीय राजनीति में भारी उबाल ला दिया है। जानकारों का मानना है कि संसद सत्र से लेकर सड़कों तक चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलकर INDIA ब्लॉक आगामी विधानसभा चुनावों और आम जनमानस के बीच चुनावी निष्पक्षता के सवाल को सबसे बड़ा मुद्दा बनाना चाहता है।
जया बच्चन का यह बयान कि 'जब तक पैर चलेंगे, तब तक लड़ेंगे', अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विपक्षी सांसदों के इस सामूहिक मार्च और धरने के बाद अब गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के अगले कदम पर पूरे देश की निगाहें टिक गई हैं।