January 1, 2026 Panchang : नए साल की पहली सुबह कैसा रहेगा ग्रह-नक्षत्रों का संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल
India News Live,Digital Desk : नए साल का पहला दिन केवल तारीख नहीं बदलता, बल्कि इसके साथ ग्रह-नक्षत्रों की चाल भी हमारे दिन को प्रभावित करती है। 01 जनवरी 2026, गुरुवार को पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र और शुभा योग का सुंदर संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अनुकूल माना जाता है। चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में संचरण करेंगे, जिससे स्थिरता, धैर्य और आर्थिक सोच पर असर पड़ सकता है।
हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, समय और काल की सटीक गणना का माध्यम है। पंचांग के आधार पर ही शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और योग का निर्धारण किया जाता है। आइए जानते हैं 1 जनवरी 2026 का पूरा पंचांग सरल भाषा में।
1 जनवरी 2026 का दैनिक पंचांग
तिथि: त्रयोदशी – रात 22:21 तक
नक्षत्र: रोहिणी – रात 22:46 तक
प्रथम करण: कौलव – 12:05 तक
द्वितीय करण: तैतिल – 22:21 तक
पक्ष: शुक्ल
वार: गुरुवार
योग: शुभा – 17:04 तक
सूर्योदय: 07:18
सूर्यास्त: 17:31
चंद्रमा: वृषभ राशि
राहुकाल: 13:41 से 14:57
शुभ मुहूर्त (अभिजीत): 12:04 से 12:45
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
मास: पौष
पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
तिथि
हिंदू समय गणना में सूर्य और चंद्रमा के आपसी अंतर को तिथि कहा जाता है। एक माह में कुल 30 तिथियां होती हैं, जो शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बंटी होती हैं। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों पक्षों की अंतिम तिथियां होती हैं।
नक्षत्र
आकाश में स्थित तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं और हर नक्षत्र का प्रभाव मन, स्वभाव और कार्यों पर पड़ता है। रोहिणी नक्षत्र को स्थिरता, वृद्धि और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
वार
सप्ताह के सात दिन ग्रहों के नाम पर रखे गए हैं। गुरुवार बृहस्पति ग्रह से जुड़ा होता है, जिसे ज्ञान, धर्म और विस्तार का कारक माना जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनने वाले योग कुल 27 होते हैं। इस दिन बना शुभा योग नाम के अनुसार सकारात्मकता और शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है।
करण
एक तिथि के दो भागों को करण कहा जाता है। कुल 11 करण होते हैं। इनमें विष्टि करण (भद्रा) को छोड़कर अन्य करणों में सामान्य कार्य किए जा सकते हैं।
नए साल के पहले दिन क्या करें?
गुरुवार, शुभा योग और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में दिन की शुरुआत पूजा, ध्यान, योजना बनाने और शुभ कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है। हालांकि राहुकाल के समय कोई भी नया या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए।