विदेश से पैसा मंगाना हुआ और भी आसान! RBI ने 'Cross Border Payment' के लिए जारी किए सख्त नियम

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India News Live,Digital Desk : विदेशों में रहने वाले अपने परिजनों या विदेशी क्लाइंट्स से पैसा मंगाने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सीमा पार भुगतान (Cross Border Payment) को लेकर बेहद कड़े और पारदर्शी दिशानिर्देश जारी किए हैं। 9 अप्रैल, 2026 को जारी इस नए सर्कुलर का सीधा असर उन लाखों भारतीयों पर पड़ेगा, जो विदेश से आने वाली रकम के लिए घंटों या दिनों तक इंतजार करते थे। अब भुगतान की प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि प्राप्तकर्ता को इसकी सटीक जानकारी भी तुरंत मिलेगी।

क्यों पड़ी इन सख्त नियमों की जरूरत?

आरबीआई के अनुसार, अब तक सीमा पार से होने वाले लेन-देन में कई तकनीकी और प्रक्रियात्मक बाधाएं थीं। अक्सर पैसा भेजने के बाद प्राप्तकर्ता को इसकी जानकारी मिलने में देरी होती थी और खाते में धनराशि क्रेडिट होने में लंबा समय लग जाता था। इन बाधाओं को खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन को घरेलू ट्रांजैक्शन की तरह सुगम बनाने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। इसका मुख्य उद्देश्य 'सीमा पार भुगतान' प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और तेज बनाना है।

फ्रीलांसरों और प्रवासी परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उन फ्रीलांसरों, छोटे कारोबारियों और प्रवासी परिवारों (NRIs) को होगा, जो विदेश से आने वाले धन पर निर्भर हैं। अब ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। जैसे ही विदेश से फंड रिलीज होगा, उसकी सटीक सूचना प्राप्तकर्ता तक पहुंचेगी। इससे न केवल धोखाधड़ी की गुंजाइश कम होगी, बल्कि व्यापारिक भुगतान में होने वाली अनिश्चितता भी समाप्त होगी।

अक्टूबर 2025 से चल रही थी तैयारी

यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ है। आरबीआई ने इस पर काफी होमवर्क किया है। सबसे पहले 29 अक्टूबर, 2025 को एक मसौदा (Draft) जारी कर हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। दुनिया भर के विशेषज्ञों और बैंकिंग संस्थानों से मिले फीडबैक के बाद अब अंतिम परिपत्र (Final Circular) जारी किया गया है। यह कदम भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

अब खाते में तुरंत क्रेडिट होगी धनराशि

केंद्रीय बैंक ने बैंकों और भुगतान प्रणालियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी तकनीक को अपडेट करें ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान रियल-टाइम में हो सके। अब बैंकों को प्राप्त धन की जानकारी तुरंत ग्राहक को देनी होगी और प्रोसेसिंग समय को न्यूनतम करना होगा। इससे 'फ्लोट टाइम' कम होगा और जनता का पैसा बैंकों के पास अनावश्यक रूप से फंसा नहीं रहेगा।