रकुल प्रीत सिंह, वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े 12 ठिकानों पर IT की ताबड़तोड़ छापेमारी
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब आयकर विभाग (Income Tax Department) की कई टीमों ने एक साथ मुंबई में छापेमारी की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। इस सर्च ऑपरेशन के दायरे में लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, जाने-माने फिल्म निर्माता वाशु भगनानी, निर्माता कुमार मंगत पाठक और प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने मुंबई के 12 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई फिल्मों के निर्माण, विदेशी शूटिंग और ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन के नाम पर कथित तौर पर भारत से बाहर भेजी गई मोटी रकम के वित्तीय लेन-देन और टैक्स चोरी के इनपुट मिलने के बाद की गई है। वित्तीय दस्तावेजों और बैंक लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, जिससे मनोरंजन जगत के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विदेश भेजी गई कथित रकम और टैक्स चोरी के आरोपों की हो रही है गहन पड़ताल
आयकर विभाग के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी को गुप्त वित्तीय इनपुट मिले थे कि फिल्मों के प्रोडक्शन, अंतरराष्ट्रीय लोकेशनों पर शूटिंग और विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स के बहाने बड़ी मात्रा में धनराशि को भारत से बाहर भेजा गया है। आयकर अधिकारी इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि विदेश भेजे गए इन फंड्स का वास्तविक इस्तेमाल फिल्मों के खर्चों में हुआ था या फिर इसके जरिए टैक्स नियमों की अनदेखी कर हेरफेर की कोशिश की गई।
तलाशी अभियान के दौरान आयकर विभाग की टीमें संबंधित प्रोडक्शन कंपनियों और हस्तियों के दफ्तरों व आवासीय परिसरों में मौजूद बही-खातों, बैंक खातों, डिजिटल डिवाइसेज, इनवॉइस और बैलेंस शीट को खंगाल रही हैं। हालांकि, विभाग की तरफ से अभी तक इस तलाशी को लेकर कोई औपचारिक अंतिम आरोप पत्र या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित जांच और सर्च ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसके निष्कर्ष दस्तावेजों की फॉरेंसिक और वित्तीय समीक्षा पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
रकुल प्रीत सिंह, वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियोज का आपस में क्या है कनेक्शन?
इस छापेमारी में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह का नाम प्रमुखता से आने के पीछे उनका पारिवारिक और व्यावसायिक जुड़ाव माना जा रहा है। रकुल प्रीत सिंह ने अभिनेता व निर्माता जैकी भगनानी से शादी की है, जो बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता वाशु भगनानी के बेटे हैं। वाशु भगनानी 'पूजा एंटरटेनमेंट' के बैनर तले 'कुली नंबर वन', 'बीवी नंबर वन' से लेकर कई बड़े बजट की फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। वहीं पैनोरमा स्टूडियोज, जिसके प्रमुख कुमार मंगत पाठक हैं, 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी और 'रेड' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जाना जाता है।
चूंकि फिल्म उद्योग में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कई प्रोडक्शन हाउस, कलाकार और निवेशक मिलकर काम करते हैं और फिल्मों के ओवरसीज राइट्स व शूटिंग शेड्यूल साझा वित्तीय नेटवर्क से जुड़े होते हैं, इसलिए जांच एजेंसियां इन सभी संबंधित पक्षों के आपसी कॉन्ट्रैक्ट्स और विदेशी ट्रांजैक्शन की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि रकुल प्रीत सिंह व्यक्तिगत स्तर पर किसी वित्तीय अनियमितता में शामिल हैं या फिर परिवार व संबंधित प्रोडक्शन हाउस के साझा व्यावसायिक रिकॉर्ड्स के तहत उनके ठिकानों की पड़ताल हो रही है।
वाशु भगनानी के पुराने विवाद और रकुल प्रीत सिंह का वर्कफ्रंट
फिल्म निर्माता वाशु भगनानी हाल के दिनों में अपने कई प्रोजेक्ट्स के वित्तीय लेन-देन को लेकर चर्चा में रहे हैं। इससे पहले फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' के निर्देशक अली अब्बास जफर के साथ फीस के भुगतान को लेकर उनका विवाद सामने आया था, वहीं अन्य फिल्मों के गानों व दृश्यों को लेकर भी कॉपीराइट और भुगतान से जुड़े मामले उठे थे।
दूसरी ओर, साउथ सिनेमा से अपने करियर की शुरुआत कर बॉलीवुड में 'दे दे प्यार दे', 'डॉक्टर जी' और 'पति पत्नी और वो 2' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाली रकुल प्रीत सिंह इन दिनों कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। वे निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित और भव्य पौराणिक फिल्म 'रामायण' में शूर्पणखा का महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं। इसके अलावा भी उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स कतार में हैं।
आयकर विभाग की इस 12 ठिकानों पर चल रही कार्रवाई के बीच अभी तक रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी या वाशु भगनानी के प्रवक्ताओं की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि सर्च ऑपरेशन समाप्त होने और जब्त किए गए डिजिटल व कागजी साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी कि इस वित्तीय जांच की वास्तविक दिशा क्या है।