Israel's alleged 'Gaza Riviera' plan क्या खत्म होगा फलीस्तीनी वजूद और बनेगी भव्य रिहायशी बस्ती...

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India News Live,Digital Desk : युद्धग्रस्त गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर इजरायल की लंबी अवधि की रणनीतियों पर नई बहस छिड़ गई है। कुछ रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल दशकों से एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत गाजा को एक आलीशान तटीय पर्यटक स्थल में बदलने की योजना है, जिसे 'गाजा रिवेरा' नाम दिया गया है। इस योजना का कथित उद्देश्य गाजा के मौजूदा फलीस्तीनी चरित्र को मिटाकर इसे एक इज़रायली 'कॉलोनी' या रिहायशी और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।

खबरों के मुताबिक, 'गाजा रिवेरा' योजना पर काम हमास के सत्ता में आने से भी पहले, लगभग 2010-2011 में ही शुरू हो गया था। इस योजना के तहत गाजा के समुद तट को विश्वस्तरीय पर्यटन और आवासीय सुविधाओं से लैस करना, इसे सीधे इजरायल के आर्थिक हब, तेल अवीव से जोड़ना और एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, हवाई अड्डा तथा गैस-तेल टर्मिनल विकसित करना शामिल है। यह परिकल्पना करती है कि गाजा की वर्तमान आबादी को "अविश्वसनीय धन" देकर अन्य क्षेत्रों में भेजा जाए, जिससे क्षेत्र को पूरी तरह से नया रूप दिया जा सके।

इस योजना का समर्थन करने वालों में पूर्व इजरायली राजनयिक और खुफिया अधिकारी यित्जाक जिवान जैसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने इस विचार को "राष्ट्र के लिए रणनीतिक आर्थिक लाभ" बताया है। हालांकि, यह योजना फलीस्तीनी विस्थापन, सांस्कृतिक पहचान के नुकसान और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन जैसे गंभीर नैतिक और राजनीतिक सवाल खड़े करती है। इसे गाजा पर इजरायली कब्जे को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी स्वतंत्र फलीस्तीनी राज्य की संभावना को कमजोर करने के एक तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

वर्तमान संघर्ष और इजरायली सेना द्वारा गाजा के बड़े पैमाने पर विनाश के बाद, इस 'गाजा रिवेरा' जैसी योजनाओं पर फिर से बहस तेज हो गई है। आलोचकों का मानना है कि गाजा का विनाश एक पूर्वनियोजित चाल का हिस्सा है ताकि भविष्य में पुनर्निर्माण के नाम पर इसे इजरायल के अनुकूल बनाया जा सके और इसकी वर्तमान आबादी को हमेशा के लिए बाहर किया जा सके। यह इजरायल के दीर्घकालिक भू-रणनीतिक और आर्थिक लक्ष्यों के बारे में गहन चिंताएं पैदा करता है।