इजरायल-हूती टकराव ने फिर बढ़ाया तनाव, लाल सागर में व्यापारी जहाजों पर हमले से हड़कंप
India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व एक बार फिर गंभीर तनाव की चपेट में आ गया है। इस बार टकराव की वजह बना इजरायल और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच हुआ संघर्ष। सोमवार तड़के इजरायल ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले कई बंदरगाहों और ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए।
इन हमलों के जवाब में हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल दागीं। यह सब तब शुरू हुआ जब रविवार को लाल सागर में लाइबेरिया के झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई और चालक दल को उसे छोड़ना पड़ा। इस हमले का शक हूती विद्रोहियों पर गया, हालांकि उन्होंने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन उनकी मीडिया ने इसकी ओर इशारा जरूर किया।
यह टकराव ऐसे वक्त में हो रहा है जब इजरायल-हमास युद्धविराम को लेकर बातचीत चल रही है और ईरान भी परमाणु समझौते पर विचार कर रहा है। इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका दौरे पर निकल चुके हैं, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
इजरायली हमले में तबाह हुए हूती ठिकाने
इजरायली सेना ने जानकारी दी कि उसने हूतियों के नियंत्रण वाले होदेइदा, रास इसा और सलीफ बंदरगाहों के अलावा रास कनातिब के पावर प्लांट पर हमला किया। इजरायल का दावा है कि इन बंदरगाहों का उपयोग ईरान से हथियार लाने के लिए किया जाता था।
इसके अलावा इजरायली सेना ने 'गैलेक्सी लीडर' नामक जहाज पर भी हमला किया, जिस पर हूतियों ने नवंबर 2023 में कब्जा किया था। इजरायल का कहना है कि इस जहाज को निगरानी उपकरणों से लैस कर दिया गया था, जिससे समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
हूतियों का जवाबी हमला, इजरायल सतर्क
हूतियों ने मिसाइलों से जवाबी हमला किया। हालांकि इजरायल का कहना है कि इन मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया और कुछ जमीन पर गिर गईं, जिससे नुकसान नहीं हुआ। वेस्ट बैंक और डेड सी क्षेत्रों में सायरन जरूर बजे, लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने चेतावनी दी कि अगर हूती हमले जारी रखते हैं तो उन्हें इसका भारी खामियाजा भुगतना होगा। उन्होंने कहा, “जो भी इजरायल के खिलाफ हथियार उठाएगा, हम उसका हाथ काट देंगे।”
लाल सागर में क्यों बढ़ा हूतियों का हमला
हूती विद्रोही खुद को इजरायल-हमास युद्ध के विरोध में बता रहे हैं। उनका दावा है कि वे लाल सागर में उन जहाजों पर हमला कर रहे हैं जो इजरायल से जुड़े हैं या उसका समर्थन करते हैं। हूतियों के अनुसार, नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच उन्होंने 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें से दो जहाज डूबे और चार नाविकों की मौत हुई।
इन हमलों ने वैश्विक व्यापार को भी प्रभावित किया है, जिससे करीब 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान आंका गया है। मार्च में अमेरिका के जवाबी हमलों के बाद हूती थोड़े समय के लिए शांत हुए थे, लेकिन अब एक बार फिर आक्रामक हो गए हैं।
यमन की निर्वासित सरकार के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-एर्यानी ने आरोप लगाया कि हूती ईरान के इशारों पर चल रहे हैं और पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन गए हैं।