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October 09 2026 09:23 pm

डोनल्ड ट्रंप की ईरान को 'महाप्रलय' वाली चेतावनी: बोले- नक्शे से मिटा देंगे वजूद, सैन्य और आर्थिक घेराबंदी से ईरान में मची खलबली...

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से युद्ध की आहट साफ सुनाई देने लगी है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को अब तक की सबसे खौफनाक और सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने गरजते हुए कहा कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक, दोनों ही मोर्चों पर ईरान को पूरी तरह तबाह कर रहा है। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद नजर आ रहे हैं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हड़कंप मच गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की पटकथा लिख चुका है।

ईरानी नेताओं को दी 'वजूद' मिटाने की धमकी

डोनल्ड ट्रंप ने अपनी आक्रामक शैली को दोहराते हुए ईरानी नेताओं को स्पष्ट शब्दों में चेताया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों से बाज आने की कोशिश नहीं की, तो अमेरिका उसे धरती के नक्शे से मिटाने में भी संकोच नहीं करेगा। ट्रंप का यह आक्रामक रुख ईरान की उन गतिविधियों के जवाब में देखा जा रहा है, जिन्हें अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनकी रणनीति ईरान को इतना कमजोर कर देने की है कि उसके पास घुटने टेकने के अलावा कोई और विकल्प न बचे।

आर्थिक और सैन्य घेराबंदी से घुटनों पर ईरान

ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने ईरान की कमर तोड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है और अमेरिकी सैन्य ताकत का दबाव उसे चारों तरफ से घेरे हुए है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की 'मैक्सिमम प्रेशर' (अधिकतम दबाव) की नीति काम कर रही है और ईरान अब पूरी तरह से बर्बादी की कगार पर खड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान के भीतर और बाहर उनके समर्थकों को कड़ा संदेश देने के लिए है कि अमेरिका अपनी शर्तों पर कोई समझौता नहीं करेगा।

दुनिया भर में मंडराया महायुद्ध का खतरा

ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खाड़ी देशों से लेकर यूरोप तक, ट्रंप की इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। रक्षा जानकारों का कहना है कि 'नक्शे से मिटाने' जैसी भाषा का इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि अमेरिका अब कूटनीति से आगे बढ़कर कार्रवाई के मूड में है। यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है। अब देखना यह होगा कि ईरानी नेतृत्व ट्रंप की इस सीधी चुनौती का क्या जवाब देता है।