क्या ‘मोदी-दीदी सेटिंग’ सिर्फ एक मिथक है? कालीगंज से भाजपा का पलटवार
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘मोदी और दीदी की सेटिंग’ की चर्चा लंबे समय से तैरती रही है। खासतौर पर जब भी भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कोई सीधी टकराव नजर नहीं आता, तो माकपा जैसे विपक्षी दल यह आरोप दोहराते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच कोई गुप्त समझौता है।
हालांकि, भाजपा इस आरोप को हमेशा सिरे से खारिज करती रही है, लेकिन जनता के मन में शक बना रहता है। यह विषय चाय की दुकानों से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का हिस्सा बनता रहा है।
हाल ही में नदिया जिले की कालीगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के प्रचार के दौरान इस थ्योरी को लेकर भाजपा के संगठन महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती से सवाल किया गया। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने उनसे कहा कि जनता में बार-बार यह बात उठती है कि "दीदी और मोदी में सेटिंग है", जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं को सफाई देने में दिक्कत होती है।
अमिताभ ने इस सवाल का जवाब देते हुए ओडिशा का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जब वे ओडिशा में संगठन प्रभारी थे, तब वहां के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक हर महीने प्रधानमंत्री से मिलते थे और भगवान जगन्नाथ का प्रसाद भी भेंट करते थे। तब भी लोगों को लगता था कि "नवीन-मोदी सेटिंग" है। लेकिन भाजपा ने वहां चुनाव जीतकर यह मिथक तोड़ दिया और साबित कर दिया कि ऐसे आरोप सिर्फ हवा में बनाए जाते हैं।
अब भाजपा को लगता है कि यही तर्क बंगाल में भी जनता के बीच पहुंचाना चाहिए। इस उदाहरण से भाजपा कार्यकर्ताओं में विश्वास बढ़ा है कि 2026 में वे इस थ्योरी को पूरी तरह झुठला पाएंगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का भी मानना है कि यह कथित थ्योरी जनता को गुमराह करने की कोशिश है। उन्होंने साफ कहा कि तृणमूल को हटाने की असली ताकत भाजपा ही है और राज्य की जनता यह जानती है।
दूसरी ओर माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि ओडिशा में बीजद और भाजपा ने कभी एक-दूसरे के खिलाफ वास्तविक लड़ाई नहीं लड़ी और हमेशा सहयोग करते रहे। वे आरोप लगाते हैं कि भाजपा ने जानबूझकर तृणमूल को सत्ता में बनाए रखा, ताकि वामपंथी सरकार न बन सके।
बहरहाल, यह "सेटिंग थ्योरी" कितना असर डालती है और भाजपा का जवाब कितना प्रभावशाली होता है, यह सब 2026 के चुनावी नतीजों से ही स्पष्ट होगा।