ईरान ने होर्मुज में बनाया अपना 'नया कॉरिडोर', भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा भू-राजनीतिक सुरक्षा संकट एक बार फिर विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए ईरान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों को दरकिनार करते हुए उसके भीतर ही एक नया 'समानांतर रास्ता' (Alternative Corridor) विकसित कर लिया है। ईरान के इस आक्रामक कदम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तेहरान को 24 घंटे का बेहद सख्त और अंतिम अल्टिमेटम जारी कर दिया है। अमेरिका ने क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए ईरान को दोटूक संदेश भेजा है कि वह तुरंत होर्मुज के सभी शिपिंग चैनलों को बिना किसी शुल्क के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दे, अन्यथा उसे गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
दक्षिणी तटों पर भीषण धमाके: पोर्ट सिटी बंदर अब्बास और चाबहार में गूंज रही हैं मिसाइलों की आवाजें
धरातल से आ रही सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, पिछले चार दिनों से ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में लगातार भीषण बमबारी और धमाके हो रहे हैं। इस दौरान ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों (Gulf Countries) के तेल और सामरिक ठिकानों पर विनाशकारी मिसाइल और ड्रोन हमले (Drone Attacks) किए हैं। ताजा खुफिया जानकारी के मुताबिक, ईरान की प्रमुख पोर्ट सिटी बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और भारत द्वारा विकसित किए जा रहे रणनीतिक चाबहार बंदरगाह के आसपास भी रह-रहकर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं। इस ताजा सैन्य टकराव के कारण महज दो सप्ताह पहले अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से कराया गया सीजफायर और शांति समझौता पूरी तरह से खटाई में पड़ गया है।
होर्मुज के रास्तों को लेकर छिड़ी जंग: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर मंडराया सबसे बड़ा खतरा
इस बार दोनों महाशक्तियों के बीच असली लड़ाई होर्मुज के भीतर अलग-अलग जलमार्गों के नियंत्रण को लेकर है। ईरान का स्पष्ट दावा है कि उसने जो नया रास्ता बनाया है, वहां से गुजरने वाले सभी कमर्शियल जहाजों को उसके सख्त सुरक्षा नियंत्रण और निरीक्षण से गुजरना होगा। दूसरी तरफ, अमेरिका और उसके सहयोगी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत वहां एक स्वतंत्र और सुरक्षित वैश्विक कॉरिडोर चलाने के प्रयास में जुटे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब भी कोई जहाज अमेरिका समर्थित जलमार्ग से गुजरता है, ईरानी सेना उस पर एंटी-शिप मिसाइलों से हमला कर देती है। आपको बता दें कि इसी होर्मुज मार्ग से पूरी दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का पांचवां हिस्सा (20% Global Oil Supply) गुजरता है। 28 फरवरी को भड़के इस युद्ध के बाद से हजारों तेल टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान को दोटूक धमकी: मस्कट में हो सकती है महा-बैठक
प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी 'ऐक्सियस' (Axios) की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर ईरान ने सार्वजनिक रूप से होर्मुज को खुला घोषित नहीं किया, तो यह तेहरान के लिए एक बहुत बड़ा और विनाशकारी दिन होने वाला है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान लिखित में कसम खाए कि वह किसी भी कमर्शियल शिप को निशाना नहीं बनाएगा। इस बीच कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल तेज है और शनिवार को ओमान की मध्यस्थता में मस्कट (Muscat) के भीतर ओमान और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक आपातकालीन बैठक हो सकती है, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है। ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान ने उनसे सीधे फोन पर बात करने का अनुरोध किया था, जिस पर वे सहमत हो गए हैं।
अमेरिकी एयरफोर्स की भीषण बमबारी: ईरान के पावर ग्रिड और तटीय बुनियादी ढांचे हुए तबाह
डोनाल्ड ट्रंप का यह बेहद आक्रामक अल्टीमेटम अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) द्वारा ईरान के प्रमुख ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी के ठीक बाद आया है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और क्रूज मिसाइलों ने ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण बिजली उपकरण निर्माण संयंत्रों, बड़े बिजली घरों (Power Plants) और समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले तटीय बुनियादी ढांचे (Desalination Plants) को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए दावा किया था कि इस बड़े हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस आर्थिक और तकनीकी क्षमता को पूरी तरह से पंगु बनाना है, जिसका उपयोग वह खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों और उग्रवादी नेटवर्कों को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है।