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September 03 2026 02:38 am

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी भारत-पाकिस्तान मैच जरूरी? पूर्व भारतीय कप्तान ने दिया समर्थन

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India News Live,Digital Desk : भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाएं, राजनीति और राष्ट्रीय गौरव का मिश्रण होते हैं। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संसद में चल रही 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे संवेदनशील विषयों पर 16 घंटे की बहस के बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के एक पूर्व दिग्गज कप्तान ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को फिर से शुरू करने की जोरदार वकालत की है। उनका यह बयान निश्चित तौर पर क्रिकेट प्रेमियों और रणनीतिक विश्लेषकों के बीच नई बहस छेड़ गया है।

इस पूर्व कप्तान का मानना है कि खेल को हमेशा राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि भले ही देशों के बीच गहरे राजनीतिक या सुरक्षा संबंधी मतभेद हों, खेल एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ लोग एक साथ आ सकते हैं, तनाव को कम कर सकते हैं और दोस्ती का पुल बना सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच केवल राजस्व ही नहीं कमाते, बल्कि अरबों प्रशंसकों के लिए मनोरंजन का बड़ा स्रोत भी हैं और यह खेल भावना को बढ़ावा देते हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध 2008 के मुंबई हमलों के बाद से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों ने लगभग डेढ़ दशक से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। वे केवल आईसीसी (ICC) और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) द्वारा आयोजित मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स (जैसे विश्व कप या एशिया कप) में ही एक-दूसरे का सामना करते हैं। भारत सरकार लगातार सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाए हुए है और यही कारण है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को द्विपक्षीय सीरीज के लिए अनुमति नहीं मिलती।

पूर्व कप्तान के इस समर्थन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर हो रही चर्चा के बाद एक नई दिशा दी है, यह दिखाता है कि राष्ट्रीय हित और खेल के बीच संतुलन बनाना कितना जटिल है। यह बहस फिर से इस सवाल को सामने लाती है कि क्या खेल वास्तव में शांति और कूटनीति का माध्यम बन सकता है, या उसे हमेशा भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के आगे झुकना पड़ेगा। फिलहाल, इस बात पर सबकी नजर रहेगी कि पूर्व कप्तान की इस वकालत का कितना असर होता है और क्या भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों की बर्फ कभी पिघलेगी या नहीं।