भारत ने किया तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार, पाकिस्तानी विदेश मंत्री का बड़ा खुलासा
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-17 13:55:00
India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बड़ा खुलासा करते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों को झूठा साबित कर दिया है। इशाक डार ने माना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अमेरिका खुद युद्धविराम का प्रस्ताव लेकर आया था, लेकिन भारत ने इस प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया था। भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि यह मामला दोनों देशों के बीच का द्विपक्षीय मसला है, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।
इशाक डार ने अमेरिका के साथ बातचीत का खुलासा किया
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने अल-जज़ीरा को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' के संबंध में अपनी बातचीत का खुलासा किया। इशाक डार ने कहा कि मार्को रुबियो ने उनसे कहा था कि भारत युद्धविराम के लिए किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि यह दोनों देशों के बीच का द्विपक्षीय मामला है। इस बयान ने डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों की पोल खोल दी है कि उन्होंने युद्धविराम कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार, लेकिन भीख नहीं मांगेगा
भारत के साथ बातचीत पर पाकिस्तान के रुख के बारे में पूछे जाने पर, इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने कई बार पहल की है। उन्होंने कहा, "हमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है।" उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान द्विपक्षीय बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह भीख नहीं माँगेगा। उन्होंने आगे कहा, "अगर कोई देश बातचीत करना चाहता है, तो हमें खुशी होगी, लेकिन हम किसी चीज़ की माँग नहीं कर रहे हैं। हम एक शांतिप्रिय देश हैं और मानते हैं कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।"
अंत में, इशाक डार के बयान ने इस बात की पुष्टि की कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम का फैसला दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद लिया गया था, और यह किसी विदेशी ताकत के दबाव का नतीजा नहीं था।