8th Pay Commission will be implemented in 2027 : केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में आ सकता है ऐतिहासिक बदलाव
India News Live,Digital Desk : इस साल की शुरुआत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और उम्मीद है कि यह 2027 में लागू हो जाएगा। इसके बाद देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे में भारी बदलाव होने जा रहा है। हालांकि, वेतन आयोग के सदस्यों, चेयरमैन और नए वेतन आयोग की शर्तों का ऐलान अभी नहीं हुआ है। लेकिन माना जा रहा है कि इस बार केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त इजाफा होने वाला है।
वेतन का निर्धारण कैसे होगा?
वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए किया जाता है, जो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे का निर्धारण करता है। इसका असर न केवल मूल वेतन और अन्य भत्तों पर पड़ता है, बल्कि पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलता है। आठवां वेतन आयोग सातवें वेतन आयोग की जगह लेगा, जिसे वर्ष 2016 में लागू किया गया था।
केंद्रीय वेतन आयोग की मुख्य सिफारिश पे मैट्रिक्स है। यह वह व्यवस्था है जो सेवा के स्तर और समय के आधार पर वेतन निर्धारित करती है। माना जा रहा है कि इस बार केंद्रीय वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 कर सकता है।
वेतन में कितनी वृद्धि होगी?
उदाहरण के लिए, अगर पे लेवल-1 पर किसी कर्मचारी का मौजूदा वेतन 18,000 रुपये है, तो उसका वेतन बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है। लेवल-2 के कर्मचारियों का वेतन 19,900 रुपये से बढ़कर 56,914 रुपये और लेवल-3 के कर्मचारियों का वेतन 21,700 रुपये से बढ़कर 62,062 रुपये हो सकता है।
इसी तरह लेवल-6 की सैलरी 35400 रुपये से बढ़कर 1 लाख रुपये से ऊपर हो सकती है। वहीं लेवल-10 के अधिकारी, जिसमें आईएएस और आईपीएस शामिल हैं, की सैलरी 56,100 रुपये से बढ़कर 1.6 लाख रुपये हो सकती है।
एचआरए और अन्य भत्तों की नई संरचना पर काम चल रहा है
SCOVA की बैठक में स्पष्ट किया गया कि वेतन के साथ-साथ 8वां वेतन आयोग हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA), महंगाई भत्ता (DA) और मेडिकल अलाउंस जैसे प्रमुख भत्तों की भी समीक्षा करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेट्रो शहरों में HRA की दर अधिक रखे जाने की संभावना है। जबकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ते की गणना अलग-अलग तरीके से की जा सकती है। इसके अलावा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के लिए कुछ पुराने और अप्रयुक्त भत्तों को समाप्त करने की भी तैयारी चल रही है।