Historic jump in silver prices : एक दिन में ₹8,000 से ज्यादा महंगी हुई चांदी, जानें निवेश के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह
India News Live,Digital Desk : भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में बुधवार, 18 फरवरी 2026 का दिन निवेशकों के लिए बेहद चौंकाने वाला रहा। जहां पिछले कुछ दिनों से कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी, वहीं आज चांदी ने लंबी छलांग लगाते हुए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और मजबूत औद्योगिक मांग के चलते चांदी की कीमत में मात्र एक दिन के भीतर ₹8,000 से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
MCX पर चांदी का ताजा हाल: ₹2.37 लाख के पार
बुधवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। MCX पर चांदी ₹8,316 (लगभग 3.63%) की सीधी बढ़त के साथ ₹2,37,099 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इस अचानक आए उछाल ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है।
चांदी की इस दौड़ का असर सोने पर भी दिखा। MCX पर सोना भी ₹1,848 की तेजी के साथ ₹1,53,266 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
कीमतों में अचानक आए इस उछाल के 3 मुख्य कारण
जिनेवा वार्ता और भू-राजनीतिक संकेत: स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता में सकारात्मक प्रगति की खबरों ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग को हवा दी है।
मजबूत औद्योगिक मांग: चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी की बढ़ती खपत कीमतों को गिरने नहीं दे रही है।
एशियाई देशों में गोल्ड-सिल्वर ETF: भारत और चीन जैसे बड़े देशों में गोल्ड और सिल्वर ETF (Exchange Traded Funds) में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है, जिससे भौतिक मांग में भी इजाफा हुआ है।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति: क्या करें और क्या न करें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए कुछ सुझाव:
जल्दबाजी में न बेचें: विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाजार में मामूली गिरावट आती है, तो घबराकर 'पैनिक सेलिंग' न करें। लंबी अवधि के लिए सोना और चांदी अभी भी मजबूत निवेश माने जा रहे हैं।
औद्योगिक उपयोग पर नजर: चूंकि चांदी का औद्योगिक उपयोग बढ़ रहा है, इसलिए इसकी कीमतों में सोने की तुलना में अधिक तेजी देखने को मिल सकती है।
डॉलर और फेडरल रिजर्व: आने वाले हफ्तों में अमेरिकी डॉलर की चाल और वहां के फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले कीमतों की अगली दिशा तय करेंगे।