Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू नववर्ष के पहले दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना साल भर झेलनी पड़ सकती है कंगाली; जानें क्या कहते हैं शास्त्र...
India News Live,Digital Desk : चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही हिंदू नववर्ष 2026 यानी विक्रम संवत 2083 का आगाज होने जा रहा है। सनातन धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से सृष्टि की रचना मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नववर्ष का पहला दिन हमारे पूरे साल के भाग्य का निर्धारण करता है। शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्यों का उल्लेख किया गया है जिन्हें साल के पहले दिन करना बेहद अशुभ माना जाता है। यदि आप भी चाहते हैं कि नया साल आपके लिए सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए, तो इन वर्जित कार्यों से दूरी बनाना आपके लिए अनिवार्य है।
भूलकर भी न करें कलेश और अपशब्दों का प्रयोग
हिंदू नववर्ष के प्रथम सूर्योदय के साथ ही सकारात्मकता का संचार होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, नववर्ष के दिन घर में किसी भी प्रकार का वाद-विवाद या झगड़ा नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि जो व्यक्ति साल के पहले दिन क्रोध करता है या दूसरों को अपशब्द कहता है, उसके जीवन में पूरे वर्ष मानसिक अशांति बनी रहती है। इस दिन वाणी में मधुरता रखना और बड़ों का आशीर्वाद लेना शुभ फलदायी होता है। कलहपूर्ण वातावरण लक्ष्मी को घर से विदा कर देता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
तामसिक भोजन और नशे से रहें कोसों दूर
नववर्ष का आरंभ आत्मिक शुद्धि का समय होता है। शास्त्रों में स्पष्ट निर्देश है कि नववर्ष के दिन मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। यह दिन देवी दुर्गा की उपासना और चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का भी होता है, इसलिए सात्विकता बनाए रखना बेहद जरूरी है। नशे के प्रभाव में किया गया कोई भी अनैतिक कार्य आपके संचित पुण्यों का क्षय कर सकता है। इस दिन सादा और सात्विक भोजन ग्रहण करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
कर्ज के लेन-देन और गंदगी से बचें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हिंदू नववर्ष के पहले दिन न तो किसी को धन उधार देना चाहिए और न ही किसी से कर्ज लेना चाहिए। ऐसा करने से साल भर पैसों की किल्लत बनी रह सकती है और व्यक्ति कर्ज के जाल में फंस सकता है। इसके साथ ही घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। शास्त्रों में कहा गया है कि 'स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है'। घर के किसी भी कोने में कबाड़ या गंदगी न रहने दें। फटे-पुराने कपड़े पहनने से बचें और नए या साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर पूजा-पाठ करें ताकि आपके जीवन में मां लक्ष्मी का स्थाई वास हो सके।