मिडिल ईस्ट में भारी तनाव UAE ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया ट्रैवल बैन ईरान
India News Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा कदम उठाया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से अपने नागरिकों के लिए ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध (Travel Ban) लगा दिया है। यह फैसला क्षेत्र में अस्थिरता और संभावित सैन्य संघर्ष की आशंकाओं के बीच लिया गया है ताकि अमीराती नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नागरिकों को तत्काल स्वदेश लौटने का निर्देश
यूएई विदेश मंत्रालय (MoFA) ने केवल भविष्य की यात्राओं पर ही रोक नहीं लगाई है, बल्कि इन तीन देशों में पहले से मौजूद अपने नागरिकों के लिए भी सख्त एडवाइजरी जारी की है।
तत्काल वापसी: सरकार ने अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सुरक्षा कारणों से जल्द से जल्द इन देशों को छोड़ दें और स्वदेश लौट आएं।
हेल्पलाइन नंबर: विदेश मंत्रालय ने नागरिकों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर +97180044444 भी जारी किया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में उनसे संपर्क किया जा सके।
सावधानी बरतने की अपील: मंत्रालय ने नागरिकों को आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और सरकार द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।
क्यों लेना पड़ा यह कड़ा फैसला?
यूएई ने आधिकारिक तौर पर 'क्षेत्र में वर्तमान घटनाक्रम' का हवाला दिया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
ईरान-अमेरिका तनाव: हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हुई है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन रही है।
सुरक्षा जोखिम: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने सुरक्षा जोखिमों को बढ़ा दिया है।
लेबनान और इराक की स्थिति: लेबनान में इजरायल के साथ सीमावर्ती संघर्ष और इराक में जारी अस्थिरता को देखते हुए यूएई अपने नागरिकों को किसी भी खतरे में नहीं डालना चाहता।
व्यापार और कॉर्पोरेट जगत पर असर
इस ट्रैवल बैन का असर यूएई में स्थित उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है जिनका व्यापार तेहरान, बेरूत या बसरा से जुड़ा है। कई कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए आपातकालीन निकासी योजनाएं (Emergency Repatriation Plans) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैवल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध की हर 30 दिनों में समीक्षा की जाएगी, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।