'उसने मुझे धोखा दिया और मेरा इस्तेमाल किया': विवादित जेफरी एपस्टीन पर नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस का सनसनीखेज खुलासा, सालों बाद तोड़ी चुप्पी...

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India News Live,Digital Desk : दुनिया के सबसे कुख्यात और विवादित शख्सियतों में शुमार रहे दिवंगत अमेरिकी निवेशक जेफरी एपस्टीन का साया अब यूरोप के राजघराने तक पहुंच गया है। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेट-मैरिट ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया है कि उनके और एपस्टीन के बीच संबंध थे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह एपस्टीन की असलियत से पूरी तरह अनजान थीं। प्रिंसेस ने भावुक होते हुए कहा कि एपस्टीन ने उन्हें अंधेरे में रखा और उनके भरोसे का गलत इस्तेमाल किया।

राजघराने की साख पर सवाल और प्रिंसेस की सफाई

पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में नॉर्वे के शाही परिवार और एपस्टीन के पुराने रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए क्राउन प्रिंसेस मेट-मैरिट ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि साल 2011 से 2013 के बीच उनकी मुलाकातें एपस्टीन से हुई थीं, लेकिन उस वक्त उन्हें एपस्टीन के आपराधिक इतिहास और यौन शोषण के गंभीर आरोपों की रत्ती भर भी भनक नहीं थी। प्रिंसेस ने स्वीकार किया कि इस रिश्ते ने उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और राजघराने की छवि को अनजाने में नुकसान पहुंचाया है।

एपस्टीन का जाल: कैसे शाही मेहमान नवाजी के बहाने फंसाया?

प्रिंसेस मेट-मैरिट के मुताबिक, जेफरी एपस्टीन ने खुद को एक परोपकारी और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में पेश किया था। वह अक्सर दुनिया भर की बड़ी हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के साथ उठता-बैठता था, जिससे किसी को भी उस पर शक नहीं होता था। प्रिंसेस ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें एपस्टीन के काले कारनामों और उसकी सजा के बारे में पता चला, उन्होंने तुरंत उससे सारे नाते तोड़ लिए। उन्होंने गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि काश उन्होंने उस वक्त अधिक सावधानी बरती होती।

दुनिया भर के राजघरानों में मची खलबली: क्या और भी होंगे खुलासे?

जेफरी एपस्टीन केस ने पहले ही ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं और अब नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस का यह बयान आग में घी का काम कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बहस छिड़ गई है कि एपस्टीन ने आखिर कितने और प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाया था। नॉर्वे के शाही महल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रिंसेस अब इस कड़वी याद को पीछे छोड़कर अपने सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस खुलासे के बाद आने वाले दिनों में जांच और तेज हो सकती है।