यूपीआई भुगतान पर शुल्क नहीं, सरकार ने अफवाहों पर लगाया विराम
India News Live,Digital Desk : हाल ही में सोशल मीडिया और मीडिया पर UPI भुगतान पर शुल्क लगने की अफवाहें फैल रही थीं, जिससे लाखों उपयोगकर्ताओं में चिंता का माहौल बन गया था। लेकिन, इन सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को बताया कि UPI के ज़रिए किए जाने वाले भुगतान पर किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन चार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहे देश के लिए यह खबर एक बड़ी राहत लेकर आई है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इस बयान ने सोशल मीडिया पर यूपीआई शुल्क को लेकर फैल रही सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। सरकार ने यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक ₹8,730 करोड़ का प्रोत्साहन दिया है। इस प्रोत्साहन के कारण यूपीआई लेनदेन में भी जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो 2017-18 में 92 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 18,587 करोड़ हो गया है।
सरकारी स्पष्टीकरण और इतिहास
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई लेनदेन पूरी तरह से मुफ़्त होगा। इस स्पष्टीकरण के पीछे वजह यह है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 30 अगस्त, 2019 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बैंकों को 0.30% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) वसूलने की अनुमति दी गई थी। लेकिन बाद में, सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269SU के तहत स्पष्ट किया कि यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के ज़रिए किए गए भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना
सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए उसने इकोसिस्टम पार्टनर्स को सहयोग देने के लिए एक विशेष योजना भी शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक, सरकार ने इसके लिए लगभग ₹8,730 करोड़ का प्रोत्साहन प्रदान किया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि UPI जैसी डिजिटल सेवाएँ बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से चलती रहें।
यूपीआई की अभूतपूर्व वृद्धि:
सरकार के इन प्रयासों के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में UPI लेनदेन में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।
- 2017-18 में कुल 92 करोड़ यूपीआई लेनदेन हुए, जो 2024-25 में बढ़कर 18,587 करोड़ हो गए।
- इसी अवधि में लेनदेन का मूल्य ₹1.10 लाख करोड़ से बढ़कर ₹261 लाख करोड़ हो गया।
- उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में एक महीने में 1,946.79 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए, जो एक नया रिकॉर्ड है।