आम आदमी की पहुंच से बाहर होगा सोना! ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच कीमतों में भारी उछाल की चेतावनी
India News Live,Digital Desk : वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थितियों ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी है। इसका सबसे सीधा और गहरा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ता दिख रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें एक ऐसे स्तर पर पहुंच सकती हैं, जहां यह आम आदमी की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो जाएगा। वैश्विक अनिश्चितता के चलते न केवल रोजमर्रा की चीजें महंगी हो रही हैं, बल्कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की चमक भी अब आम लोगों के लिए फीकी पड़ती दिख रही है।
क्वालिटी से समझौता करने को मजबूर हुए लोग: अब 24 नहीं, 12 कैरेट की मांग
पाइनट्री मैक्रो के संस्थापक और प्रसिद्ध बाजार विशेषज्ञ रितेश जैन के अनुसार, सोने की कीमतों और लोगों की क्रय शक्ति के बीच का संतुलन बिगड़ चुका है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण खुलासे में बताया कि लोग अब सोने की बढ़ती कीमतों के कारण इसकी शुद्धता यानी क्वालिटी से समझौता कर रहे हैं। बाजार में अब लोग 24 कैरेट के बजाय 22, 16 और यहां तक कि 12 कैरेट सोने के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं। शुद्ध सोना अब केवल अमीरों की तिजोरी तक सीमित होता जा रहा है, जबकि मध्यम वर्ग के लिए इसे खरीदना एक बड़ा सपना बनता जा रहा है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरने के बाद फिर पकड़ी रफ्तार
बता दें कि एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतें अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर $2,02,984$ रुपये से लगभग 26% (करीब 53,000 रुपये) नीचे गिर गई थीं। हालांकि, अब बाजार में एक बार फिर सुधार के संकेत मिल रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक दिन में ₹2,000 की बड़ी छलांग देखी गई, जिससे भाव ₹1,54,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे स्तर पर बिकवाली जारी रहने के बावजूद, निचले स्तरों पर हो रही खरीदारी कीमतों को फिर से ऊपर की ओर धकेल रही है।
डॉलर की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड का खेल
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एक्सपर्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती में आई कमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों को हवा दे रहे हैं। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ जाती है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है, ऐसे में वैश्विक तनाव और डॉलर की चाल सीधे आपकी शादी-ब्याह की खरीदारी के बजट को बिगाड़ रही है।
क्या भविष्य में और बढ़ेंगे दाम?
ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर संकट पैदा कर दिया है। अगर यह तनाव और गहराता है, तो कच्चे तेल के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी भारी तेजी आना तय है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प की तलाश में निवेशक सोने की ओर भागेंगे, जिससे इसकी मांग और आपूर्ति का अंतर बढ़ेगा और कीमतें रिकॉर्ड स्तर को छू सकती हैं।