Gold-Silver Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, ये हैं वो 5 बड़े कारण जिन्होंने बाजार में मचाया 'कोहराम'
India News Live,Digital Desk : सोमवार का दिन भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज हो गया है। सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी भीषण गिरावट देखी गई, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े दिग्गज निवेशकों ने भी नहीं की थी। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच, जहां कीमती धातुओं को 'सुरक्षित निवेश' माना जाता है, वहां कीमतों का इस तरह धराशायी होना हर किसी को चौंका रहा है।
सोमवार दोपहर तक एमसीएक्स (MCX) पर सोने के दाम ₹10,420 की गिरावट के साथ ₹1,34,042 पर आ गए, जबकि चांदी ₹21,172 टूटकर ₹2,05,439 के स्तर पर कारोबार कर रही थी। शुक्रवार की तुलना में सोना करीब ₹15,000 और चांदी लगभग ₹27,000 सस्ती हो चुकी है। आखिर इस 'महा-गिरावट' के पीछे की असली वजह क्या है? आइए जानते हैं वे 5 प्रमुख कारण:
1. ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उसके बिजली ग्रिड पर हमला करते हैं, तो जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के ऊर्जा और जल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। इस बयान ने बाजार में अनिश्चितता का ऐसा माहौल पैदा किया कि निवेशकों ने कीमती धातुओं से हाथ खींचना शुरू कर दिया।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक बयान ने वैश्विक बाजारों में खलबली मचा दी है। उन्होंने कहा है कि यदि ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला हुआ, तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ब्लॉक कर देंगे। यह मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए जीवनरेखा माना जाता है। इस रणनीतिक मार्ग के बंद होने की आशंका ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के बजाय नकदी बचाने पर मजबूर कर दिया है।
3. कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की धमकियों ने कच्चे तेल की सप्लाई चेन को लेकर डर पैदा कर दिया है। ऊर्जा संकट के इस डर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की मांग पर पड़ा है।
4. वैश्विक शेयर बाजारों का दबाव
सोमवार को केवल सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के शेयर बाजार भी 'लाल निशान' में नजर आए। अमेरिकी वायदा बाजार से लेकर एशियाई बाजारों तक में भारी बिकवाली देखी गई। जब शेयर बाजार और ग्लोबल इकोनॉमी पर चौतरफा दबाव आता है, तो कई बार बड़े निवेशक मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए सोने-चांदी जैसे अपने सुरक्षित एसेट्स को बेचकर नकदी (Cash) जुटाते हैं, जिससे कीमतें गिर जाती हैं।
5. अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का डर
निवेशक इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदम को लेकर बेहद सतर्क हैं। बाजार में इस बात की प्रबल आशंका है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने और चांदी जैसी 'नॉन-यील्डिंग' (बिना ब्याज वाली) धातुओं का आकर्षण कम हो जाता है, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव बनता है।