Gmail यूजर्स की मौज: अब टाइपिंग का झंझट खत्म, सिर्फ बोलने भर से चुटकियों में होंगे सारे काम
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) अपने सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स— जीमेल (Gmail), गूगल कीप (Google Keep) और गूगल डॉक्स (Google Docs) के लिए क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। गूगल अब इन ऐप्स में नए AI-पावर्ड कन्वर्सेशनल (बातचीत करने वाले) फीचर्स की इंटरनल टेस्टिंग कर रहा है। इन फीचर्स के रोलआउट होने के बाद यूजर्स को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए मोबाइल या लैपटॉप पर उंगलियां चलाने (टाइप करने) की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे सिर्फ बोलकर या वॉयस कमांड देकर ईमेल सर्च करने से लेकर नोट्स बनाने तक के सारे काम पूरे कर सकेंगे।
गूगल I/O 2026 में दिखाई थी झलक, यूएस में टेस्टिंग शुरू
गूगल ने मई में आयोजित अपने एनुअल Google I/O 2026 डेवलपर कॉन्फ्रेंस के दौरान इन एआई फीचर्स की पहली झलक दिखाई थी। टेक पब्लिकेशन 9to5Google और Android Authority की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अमेरिका (US) में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ इसकी लाइव टेस्टिंग शुरू कर दी है। इन आधुनिक वॉयस फीचर्स को आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाली गूगल पिक्सेल 11 (Pixel 11) सीरीज के साथ आधिकारिक तौर पर रिलीज किया जा सकता है।
कैसे काम करेंगे ये जादुई वॉयस-बेस्ड AI फीचर्स?
गूगल ने अपने ऐप्स के इकोसिस्टम को पूरी तरह हैंड्स-फ्री और वॉयस-कंट्रोल बनाने के लिए इसे डिजाइन किया है। ऐप्स के अनुसार ये इस तरह काम करेंगे:
जीमेल लाइव (Gmail Live): यह फीचर यूजर के पूरे इनबॉक्स को खंगालने और वॉयस कमांड पर काम करने के लिए बनाया गया है। उदाहरण के लिए, यदि आप बोलेंगे कि "मुझे पिछले हफ्ते आई फ्लाइट टिकट का ईमेल ढूंढकर दिखाओ", तो एआई बिना टाइप किए उसे स्क्रीन पर ला देगा। यह इनबॉक्स से जुड़े आपके जटिल सवालों के जवाब भी बोलकर दे सकेगा।
गूगल कीप (Google Keep): ऐप के भीतर 'Create a note' बटन के ठीक ऊपर एक 'Live' फ्लोटिंग एक्शन बटन (FAB) दिखाई देगा। इस पर टैप करते ही वॉयस इंटरफेस खुल जाएगा। आप जो भी बोलेंगे, एआई उसे खुद-ब-खुद व्यवस्थित नोट्स और टू-डू लिस्ट (To-Do List) में बदल देगा। इसके जरिए वॉयस कमांड से रिमाइंडर भी सेट किए जा सकेंगे, जो 'Google Tasks' से सिंक हो जाएंगे।
गूगल डॉक्स लाइव (Docs Live): इसकी मदद से यूजर्स बोलकर किसी आइडिया पर चर्चा कर सकते हैं, लेख का पहला ड्राफ्ट तैयार करवा सकते हैं और डॉक्यूमेंट में सुधार करवा सकते हैं। यूजर की अनुमति से यह एआई टूल आपकी ड्राइव, चैट और वेब से भी डेटा ले सकेगा।
किन यूजर्स को सबसे पहले मिलेगा इसका फायदा?
गूगल ने अभी तक इन फीचर्स की किसी सटीक ग्लोबल रिलीज डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि इस गर्मी (Summer) के आखिर तक अमेरिका में इसकी आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। शुरुआत में यह सुविधा:
Google AI Pro और Google AI Ultra के सब्सक्राइबर्स को मिलेगी।
एंड्रॉइड (Android) और आईओएस (iOS) दोनों प्लेटफॉर्म पर एलिजिबल वर्कस्पेस (Workspace) यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे भारत सहित दुनिया भर के सामान्य जीमेल और गूगल कीप यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।