पाकिस्तान में हटाए गए ‘Gen Z’ लेख ने मची हलचल, युवा वर्ग पर हुआ बयान विवादित

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India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान में एक हटाया गया लेख (op‑ed) सोशल मीडिया और बयानबाज़ी के कारण चर्चा का केंद्र बन गया है। यह लेख अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पीएचडी छात्र ज़ोरेन निज़ामानी द्वारा लिखा गया था और इसमें उन्होंने पाकिस्तान की सत्ता, युवा वर्ग (Gen Z और Gen Alpha) और वर्तमान सामाजिक‑राजनीतिक स्थितियों पर सख़्त आलोचना की थी। इसे प्रमुख अख़बार The Express Tribune में 1 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह वेब साइट से हटा दिया गया, जिससे भारी प्रतिक्रिया और विवाद सामने आया। 

क्या लिखा गया था लेख में?

लेख का शीर्षक था “It Is Over”, जिसमें निज़ामानी ने यह तर्क दिया कि वर्तमान सत्ता और सैन्य‑नीति अब पाकिस्तान की युवा पीढ़ी को प्रभावित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेतृत्व के द्वारा पुराने तरीकों से देशभक्ति फैलाने के प्रयास (जैसे भाषण, सेमिनार आदि) आज के युवाओं पर असर नहीं डाल रहे हैं, क्योंकि युवा इंटरनेट और जानकारी के आसान स्रोतों के कारण राजनीतिक और सामाजिक वास्तविकताओं को समझने लगे हैं।

लेख में यह भी लिखा गया कि जब तक युवाओं को बराबर के अवसर, आधारभूत सुविधाएँ और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक देशभक्ति को ज़ोरज़बरदस्ती ठगने की कोशिश सफल नहीं हो सकती। निज़ामानी ने यह भी संकेत किया कि कई युवा अब लगी उम्मीदों के ख़िलाफ़ देश छोड़कर जाना चुन रहे हैं, बजाय कि मौजूदा सत्ता को चुनौती देने के। 

हटाए जाने के बाद क्यों बवाल हुआ?

लेख हटाए जाने के तुरंत बाद इसके स्क्रीनशॉट्स और अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोगों ने इसे स्वतंत्रता‑अभिव्यक्ति पर अंकुश और राजनीतिक व सैन्य दबाव के परिणाम के रूप में देखा। कई पाकिस्तानी राजनीतिक समूहों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं ने लेख के हटाए जाने की आलोचना की। 

उदाहरण के तौर पर, पाकिस्तान के Human Rights Council ने कहा कि लेख हटाना नागरिकों के संवैधानिक अधिकार और पत्रकारिता‑स्वतंत्रता के खिलाफ है। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी (PTI) के कैनेडा विंग ने कहा कि लेख हटाने से लेख की बात और भी सच्ची साबित होती है, क्योंकि Gen Z अब पुराने नियंत्रण के तरीकों को नहीं मानता। 

कुछ नागरिकों और वकीलों ने सोशल मीडिया पर कहा कि लेख युवा पीढ़ी की भावनाओं और उनके निराश विचारों को व्यक्त करता था और इसे हटाने से मतभेद और झुंड‑नियंत्रण की आलोचना और तेज़ हो गई।

युवा वर्ग (Gen Z) के बारे में लेख की मुख्य बात

लेख में ज़ोर यह था कि आज का Gen Z और Gen Alpha:

लड़खड़ाती पुरानी राजनीति पर भरोसा नहीं करते,

राजनीतिक प्रचार और जोरज़बरदस्ती से प्रभावित नहीं होते,

और आत्म‑सोच, इंटरनेट जानकारी और वास्तविक जीवन की चुनौतियों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
यह टिप्पणी समाज में युवा‑जैसे सोच और सत्ता‑राजनीति के बीच बढ़ते फ़र्क़ पर केंद्रित थी।