'पानी के लिए भी हो सकती है जंग...' सिंधु जल समझौते पर भारत के एक्शन से घबराए पाकिस्तान ने फिर दी युद्ध की धमकी
जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान को भारत ने जब से उसकी सबसे कमजोर नस पर चोट की है, तब से इस्लामाबाद में हड़कंप मचा हुआ है। सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को निलंबित करने के भारत के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब बौखलाए पाकिस्तान ने सीधे 'जल युद्ध' (Water War) छेड़ने की धमकी दे डाली है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को गीदड़भड़की देते हुए कहा है कि अगर यह मसला शांति से नहीं सुलझा, तो दोनों देशों के बीच पानी को लेकर विनाशकारी युद्ध छिड़ सकता है।
ख्वाजा आसिफ ने उगला जहर, याद दिलाए पुराने युद्ध
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नई दिल्ली पर पानी को विवाद का मुद्दा बनाने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि भारत जानबूझकर पाकिस्तान की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है। भारत के सख्त रुख से घबराए आसिफ ने दोनों देशों के परमाणु संपन्न होने की धौंस पट्टी जमाते हुए कहा कि अतीत में कई पूर्ण युद्ध होने के बावजूद 1960 के सिंधु जल समझौते पर कभी आंच नहीं आई थी, लेकिन आज भारत इस समझौते को खत्म करने पर आमादा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के नेता बिलावल भुट्टो भी भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दे चुके हैं।
क्यों बंद हुआ सिंधु का पानी? जानिए पहलगाम आतंकी हमले का सच
भारत और पाकिस्तान के बीच इस मौजूदा राजनयिक तनाव की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी। तब जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कायर आतंकियों ने मजहब पूछ-पूछकर 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। इस जघन्य वारदात के बाद भारत सरकार ने 'खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते' की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने के लिए सिंधु जल समझौते को सस्पेंड (स्थगित) कर दिया था। भारत का साफ कहना है कि कोई भी देश एक तरफ भारत में आतंकवाद फैलाए और दूसरी तरफ नदियों के पानी का कानूनी फायदा उठाए, यह अब मुमकिन नहीं है।
भारत का वो 'मास्टरस्ट्रोक' जिसने उड़ा दी पाकिस्तानी सेना की नींद
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार के एक अचूक फैसले ने पाकिस्तानी सेना (Rawalpindi) और वहां के राजनीतिक नेतृत्व की रातों की नींद हराम कर दी है। भारत ने सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के प्राकृतिक बहाव को भौतिक रूप से रोके बिना ही तकनीकी रूप से पानी पर लगाम लगा दी है। भारत ने अनिवार्य हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करना बंद कर दिया है, द्विपक्षीय आयोग की बैठकों पर रोक लगा दी है और पाकिस्तान की हेग (The Hague) स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता ट्रिब्यूनल जाने की क्षमता को भी पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर में तेजी से बन रहे हैं मेगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स
एक तरफ पाकिस्तान खुद को अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में विक्टिम (पीड़ित) दिखाने के लिए रोना रो रहा है, तो दूसरी तरफ भारत ने बिना वक्त गंवाए जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है। मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 'रन ऑफ द रिवर' (Run of the River) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और बड़े वाटर स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की गति को दोगुना कर दिया है। भारत पूरी तरह से संधि के कानूनी दायरे में रहकर पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दे रहा है।