नोएडा की फैक्ट्री में 40 घंटे बाद शांत हुई आग की लपटें: तबाही के मलबे में लापता 'उपेंद्र' की तलाश, पिता की आंखों से नहीं थम रहे आंसू...

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India News Live,Digital Desk : दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड फैक्ट्री में लगी भीषण आग पर आखिरकार 40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है। दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियों और सैकड़ों कर्मियों ने दिन-रात एक कर आग को बुझाया, लेकिन इस अग्निकांड ने एक परिवार की खुशियां राख कर दी हैं। बुधवार रात नाइट शिफ्ट में काम पर आए उपेंद्र नामक कर्मचारी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। फैक्ट्री का ढांचा ठंडा तो हो गया है, लेकिन लापता बेटे की खबर न मिलने से उसके परिजनों का कलेजा फटा जा रहा है।

मलबे में तब्दील हुई फैक्ट्री, 40 घंटे चला रेस्क्यू

नोएडा के इंडस्ट्रियल हब सेक्टर-4 में स्थित इस पावर सिस्टम फैक्ट्री में आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं। बुधवार की रात जब फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट का काम चल रहा था, तभी अचानक लगी आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली। लगभग 40 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद धुआं तो छंट गया है, लेकिन अंदर केवल मलबे और बर्बादी का मंजर ही शेष बचा है।

'कहां गया मेरा बेटा?' अस्पतालों की खाक छान रहे लाचार पिता

इस पूरे हादसे में सबसे दर्दनाक पहलू लापता कर्मचारी उपेंद्र की कहानी है। उपेंद्र के पिता सरवन कुमार की हालत देख हर किसी की आंखें नम हैं। सरवन कुमार अपने बेटे की एक झलक पाने या उसकी खैरियत जानने के लिए नोएडा के एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल की खाक छान रहे हैं। उनका कहना है कि बुधवार रात उपेंद्र काम पर आया था, लेकिन आग लगने के बाद से उसका मोबाइल बंद है और फैक्ट्री प्रबंधन के पास भी उसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब मलबे के अंदर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि उपेंद्र का पता लगाया जा सके।

प्रशासनिक जांच और सुरक्षा पर सवाल

फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। नोएडा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में फायर फाइटिंग सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा था या नहीं। फिलहाल, जिला प्रशासन का पूरा ध्यान लापता कर्मचारी की तलाश और प्रभावित इलाके को सुरक्षित करने पर है।