EPFO 3.0 का धमाका: पेंशनर्स और कर्मचारियों की लगी लॉटरी! 5 लाख तक 'ऑटो क्लेम' और चुटकियों में PF ट्रांसफर; सरकार ने दी सबसे बड़ी खुशखबरी...

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India News Live,Digital Desk : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल बदलाव 'EPFO 3.0' लेकर आया है। लोकसभा में सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अब पीएफ (PF) से जुड़े कामों के लिए न तो आपको दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे और न ही हफ्तों तक इंतजार करना होगा। पेंशन सिस्टम से लेकर क्लेम सेटलमेंट तक, पूरी प्रक्रिया को इतना हाई-टेक बना दिया गया है कि अब आपका पैसा एटीएम (ATM) या यूपीआई (UPI) की तरह बस एक क्लिक की दूरी पर होगा। इस क्रांतिकारी अपडेट ने नौकरीपेशा वर्ग और पेंशनर्स के चेहरे पर खुशी ला दी है।

5 लाख रुपये तक का 'ऑटो क्लेम': घंटों में आएगा पैसा

EPFO 3.0 की सबसे बड़ी खासियत इसका 'ऑटो क्लेम सेटलमेंट' सिस्टम है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि अब 5 लाख रुपये तक के क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) के स्वचालित तरीके से निपटाए जा रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक लगभग 3.52 करोड़ क्लेम इसी मोड में सेटल किए गए हैं। पहले जहां पीएफ का पैसा निकालने में 15 से 20 दिन लगते थे, वहीं अब 71% से ज्यादा एडवांस क्लेम केवल कुछ ही घंटों में सीधे बैंक खाते में पहुंच रहे हैं।

सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS): देश के किसी भी बैंक से लें पेंशन

पेंशनभोगियों के लिए 'CPPS' (Centralised Pension Payment System) किसी वरदान से कम नहीं है। 1 जनवरी 2025 से पूरी तरह लागू हो चुके इस सिस्टम के जरिए 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स अब देश के किसी भी बैंक की किसी भी शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। अब पेंशन के लिए बैंक बदलने या ट्रांसफर की झंझट खत्म हो गई है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और त्रुटि-मुक्त है, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।

PF ट्रांसफर अब हुआ 'ऑटो-ट्रिगर', नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं

नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ ने राहत की खबर दी है। अब एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाने पर पीएफ ट्रांसफर के लिए मैनुअल आवेदन नहीं करना होगा। 25 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 70.54 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम 'ऑटो मोड' में खुद-ब-खुद प्रोसेस हो गए। खास बात यह है कि केवाईसी (KYC) अपडेट होने पर अब न तो पिछले नियोक्ता और न ही वर्तमान नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता होती है। इससे पीएफ फंड की निरंतरता बनी रहती है और ब्याज का नुकसान नहीं होता।

UPI और ATM से निकासी की ओर बढ़ते कदम

आने वाले समय में EPFO 3.0 के तहत सब्सक्राइबर्स को अपने पीएफ फंड पर और अधिक नियंत्रण मिलेगा। सरकार की योजना अप्रैल 2026 तक यूपीआई (UPI) आधारित निकासी सुविधा शुरू करने की है। इसके बाद, कर्मचारी सीधे अपने मोबाइल से यूपीआई पिन डालकर पीएफ का एक निश्चित हिस्सा बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। साथ ही, कुछ मामलों में 'ईपीएफओ 3.0 एटीएम कार्ड' की सुविधा पर भी काम चल रहा है, जिससे इमरजेंसी में फंड निकालना उतना ही आसान हो जाएगा जितना बैंक से पैसे निकालना।