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October 28 2026 08:32 am

शहबाज शरीफ के 'सीजफायर' दावों को डोनाल्ड ट्रंप ने सरेआम नकारा, लेबनान पर छिड़ा नया विवाद

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India News Live,Digital Desk : अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर पाकिस्तान को एक बार फिर बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जिस अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते का क्रेडिट लेने की कोशिश की थी, उसकी हवा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने निकाल दी है। शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा है, जिसे अमेरिका और इजरायल ने सिरे से खारिज कर दिया है।

शहबाज शरीफ का वो दावा जो उल्टा पड़ गया

बुधवार को शहबाज शरीफ ने बड़े उत्साह के साथ घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका, लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने इसे पाकिस्तान की मध्यस्थता की बड़ी जीत बताते हुए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने का न्योता भी दे दिया था।

ट्रंप और जेडी वेंस ने खोली पोल

शहबाज शरीफ के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान के दावे हकीकत से परे हैं:

डोनाल्ड ट्रंप का बयान: राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि लेबनान को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने पीबीएस न्यूज आवर से कहा, "लेबनान को हिज्बुल्लाह की वजह से बाहर रखा गया है। लेबनान में इजरायल की कार्रवाई एक अलग झड़प है और वह जारी रहेगी।"

जेडी वेंस की सफाई: बुडापेस्ट पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि शायद ईरानियों या पाकिस्तान को कोई "गलतफहमी" हुई है। यह समझौता केवल ईरान और अमेरिका के सहयोगियों (इजरायल और अरब देशों) के बीच है, इसमें लेबनान शामिल नहीं है।

इजरायल का रुख: "हमले नहीं रुकेंगे"

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया कि ईरान के साथ हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान में सक्रिय हिजबुल्ला के खिलाफ उनके सैन्य अभियानों पर लागू नहीं होता।

भीषण हमले: सीजफायर की घोषणा के तुरंत बाद इजरायल ने लेबनान पर घातक बमबारी की, जिसमें 89 लोगों की मौत हो गई और 700 से अधिक घायल हुए। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

सीजफायर पर संकट: ईरान ने बंद किया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'

लेबनान पर इजरायली हमलों से नाराज होकर ईरान ने बुधवार को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) को बंद कर दिया है।

कच्चे तेल पर असर: ईरान की इस कार्रवाई से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।

अमेरिका की मांग: अमेरिका ने ईरान से इस जलमार्ग को तुरंत खोलने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान को लेकर पैदा हुए इस विवाद के कारण अमेरिका-ईरान के बीच हुआ यह नाजुक समझौता टूटने की कगार पर पहुंच गया है।