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July 09 2026 11:26 pm

अमेरिकी कोर्ट से डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका! यौन शोषण और मानहानि केस में लगा 50 लाख डॉलर का भारी जुर्माना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और घरेलू राजनीति के मोर्चे पर घिरे ट्रंप को अब देश की सर्वोच्च अदालत और न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी अदालत ने एक हाई-प्रोफाइल मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप को मशहूर लेखिका ई. जीन कैरोल (E. Jean Carroll) के यौन शोषण और मानहानि के एवज में 50 लाख डॉलर (5 मिलियन डॉलर) का भारी-भरकम भुगतान करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में ट्रंप की पुनर्विचार अपील को सिरे से खारिज किए जाने के बाद अब यह फैसला पूरी तरह से अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी हो गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला और किस सनसनीखेज डायरी से उठा था विवाद का पर्दा

यह पूरा मामला करीब तीन दशक पुराना है, जिसने ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी थी। वर्तमान में 82 वर्ष की हो चुकीं ई. जीन कैरोल अमेरिका की एक बेहद प्रतिष्ठित पूर्व पत्रकार और मैगजीन कॉलमिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2019 में प्रकाशित अपनी एक किताब में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया था। कैरोल ने आरोप लगाया था कि साल 1996 में डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क के एक आलीशान डिपार्टमेंटल स्टोर के ड्रेसिंग रूम में उनका यौन उत्पीड़न किया था।

जब ये गंभीर आरोप सार्वजनिक हुए, तो रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज नेता और अरबपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। ट्रंप ने लेखिका को सरेआम "पागल", "सनकी" और "पब्लिसिटी की भूखी" करार देते हुए कहा था कि उन्होंने लाइमलाइट में आने के लिए यह पूरी कहानी मनगढ़ंत बनाई है। ट्रंप के इसी आक्रामक पलटवार के बाद लेखिका ने अदालत में मानहानि का मुकदमा भी ठोक दिया था।

फेडरल कोर्ट का बड़ा एक्शन: मूल हर्जाने के साथ अब देना होगा मोटा ब्याज

साल 2023 में न्यूयॉर्क की एक फेडरल जूरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों को देखने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को लेखिका कैरोल के साथ यौन शोषण करने और बाद में झूठे बयानों के जरिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने (मानहानि) का दोषी पाया था। जूरी ने उस वक्त कैरोल को हर्जाने के तौर पर 50 लाख डॉलर देने का फैसला सुनाया था, जिसमें यौन उत्पीड़न के लिए 2 मिलियन डॉलर और मानहानिकारक बयानों के लिए 3 मिलियन डॉलर की राशि तय की गई थी।

ट्रंप ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन पिछले सप्ताह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद बुधवार को फेडरल जज लुईस कपलान (Lewis Kaplan) ने एक नया सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत ट्रंप को अदालत में न सिर्फ 5 मिलियन डॉलर की मूल राशि जमा करनी होगी, बल्कि इस पर लगा हुआ कानूनी ब्याज भी चुकाना होगा। कानूनी जानकारों के मुताबिक, ब्याज जुड़ने के बाद अब लेखिका को कुल मिलाकर करीब 58 लाख डॉलर (5.8 मिलियन डॉलर) की भारी रकम मिलेगी।