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May 05 2026 01:05 pm

ईरान के दावों पर अमेरिका का पलटवार क्या सच में निशाने पर आया अमेरिकी युद्धपोत?

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India News Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया के बारूदी समंदर में दावों और प्रति-दावों की जंग तेज हो गई है। ईरानी मीडिया द्वारा अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमले के सनसनीखेज दावे को वॉशिंगटन ने सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इन खबरों को 'भ्रामक और पूरी तरह गलत' करार देते हुए साफ किया है कि उनके किसी भी जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में 'प्रोपेगेंडा वॉर' (Propaganda War) के छिड़ने की चर्चा तेज हो गई है।

ईरानी मीडिया का दावा: 'मिसाइल ने भेद दिया अमेरिकी कवच'

दरअसल, ईरान के सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह खबर तेजी से प्रसारित की गई थी कि ईरानी सेना ने एक सटीक मिसाइल हमले में अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया है। खबरों में दावा किया गया था कि हमले के बाद अमेरिकी जहाज से धुआं उठता देखा गया और उसमें भारी तकनीकी खराबी आई। इस खबर के फैलते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया और कच्चे तेल की कीमतों में तत्काल उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पेंटागन की दो टूक: 'हमारे सभी जहाज सुरक्षित और सक्रिय'

ईरान के इन दावों पर प्रतिक्रिया देने में अमेरिका ने देरी नहीं की। अमेरिकी नौसेना के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि खाड़ी क्षेत्र और उसके आसपास तैनात सभी अमेरिकी युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित हैं और अपने निर्धारित मिशन पर काम कर रहे हैं। पेंटागन ने इसे ईरान की ओर से फैलाई गई 'फेक न्यूज' करार दिया, जिसका मकसद अपने घरेलू समर्थकों का मनोबल बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाना है।

होर्मुज की खाड़ी में जारी है 'माइंड गेम'

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक मिसाइलों के साथ-साथ अब दोनों देश 'सूचना युद्ध' (Information Warfare) में भी उलझ गए हैं। ईरान यह दिखाना चाहता है कि उसकी मिसाइल तकनीक अमेरिकी नौसेना के सुरक्षा चक्र को तोड़ने में सक्षम है, जबकि अमेरिका इसे महज एक मनोवैज्ञानिक खेल बता रहा है। होर्मुज की खाड़ी में जारी इस तनाव ने दुनिया भर की नौसेनाओं को हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है।

बढ़ते तनाव के बीच क्या है जमीनी हकीकत?

हालांकि अमेरिका ने हमले से इनकार किया है, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच ड्रोन और छोटी नौकाओं को लेकर कई झड़पें हुई हैं। राजनयिकों का मानना है कि इस तरह के दावे और खंडन किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की प्रस्तावना हो सकते हैं। फिलहाल, समंदर में शांति केवल कागजों पर दिख रही है, जबकि सतह के नीचे बारूद सुलग रहा है।