Dhurandhar के 'आलम भाई' गौरव गेरा का छलका दर्द, कभी अकाउंट में थे सिर्फ 84 रुपये, बैंक के बाहर माथा टेककर गुजरते थे दिन
हाल ही में रिलीज हुई बॉक्स ऑफिस की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल 'धुरंधर 2' में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले मशहूर एक्टर गौरव गेरा इन दिनों सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए 'आलम भाई' के किरदार को हर तरफ से खूब सराहना मिल रही है। कई लोग तो उनके इस ट्रांसफॉर्मेशन वाले लुक को देखकर हैरान हैं क्योंकि फिल्म के पहले पार्ट में उन्हें पहचान पाना भी बेहद मुश्किल था। पिछले दो दशकों से टीवी शोज, फिल्मों और अपने मजेदार कॉमेडी वीडियो से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाले गौरव गेरा आज भले ही एक बड़ा और पॉपुलर नाम बन चुके हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर कांटों भरा रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गौरव ने मुंबई में बिताए अपने फाइनेंशियल स्ट्रगल (आर्थिक तंगी) के उन दिनों को याद किया, जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे।
जब बैंक अकाउंट में बचे थे महज 84 रुपये, HDFC बैंक के आगे टेकते थे माथा
गौरव गेरा ने अपने स्ट्रगल के दिनों का एक बेहद भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि जब वे मायानगरी मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब एक वक्त ऐसा आया जब उनके बैंक अकाउंट में सिर्फ 84 रुपये बचे थे। गौरव ने कहा, "मेरे अकाउंट में केवल 84 रुपये रह गए थे। मैं रोज मुंबई के एक HDFC बैंक के सामने से गुजरता था और उस बैंक की बिल्डिंग को देखकर हाथ जोड़कर कहता था—मेरा ख्याल रखना। मैं रोज आते-जाते उस बैंक को श्रद्धा से मत्था टेक कर जाता था कि मेरा बुरा वक्त कट जाए।"
पिता ने लेटर लिखकर भेजे थे 2000 रुपये, आज भी है उस दौर पर गर्व
गौरव ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर या बैकग्राउंड नहीं था, वे बिल्कुल अकेले दम पर पहचान बनाने आए थे। इस मुश्किल दौर में उनके पिता उनकी आर्थिक मदद करते थे। गौरव के पिता IIT-BHU से पासआउट एक इंजीनियर हैं। गौरव बताते हैं कि उनके पिता ने कभी उन पर अपनी इच्छाएं नहीं थोपीं, जिसके लिए वे हमेशा उनके शुक्रगुजार रहते हैं। गौरव ने याद करते हुए बताया कि एक बार उनके पिता ने उन्हें पैसे भेजते समय एक इमोशनल लेटर लिखा था, जिसमें लिखा था— "बेटा, इस बार सिर्फ 2000 रुपये भेज रहा हूं, क्योंकि इससे ज्यादा अभी मेरे पास भी नहीं है।" इसके बाद गौरव ने उस उम्र में अपने पिता को जवाब में एक ऐसा स्वाभिमानी लेटर लिखा था, जिस पर उन्हें आज भी बहुत गर्व महसूस होता है।
स्कूल में थे आर्ट-क्राफ्ट के टॉपर, फैशन डिजाइनिंग में भी आजमाया हाथ
इंटरव्यू के दौरान गौरव ने अपने बचपन और स्कूल के दिनों की बातें भी शेयर कीं। उन्होंने बताया कि वे स्कूल के दिनों से ही स्टेज परफॉर्मेंस और फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। पढ़ाई में अच्छे होने के साथ-साथ आर्ट और क्राफ्ट में हमेशा उनका 'A+' ग्रेड आता था। हालांकि, उन्हें हमेशा मलाल रहता था कि जिस कला में वे सबसे अच्छे हैं, उसके लिए उन्हें स्कूल में ज्यादा प्रोत्साहित नहीं किया गया। स्केचिंग अच्छी होने के कारण उन्होंने आगे चलकर फैशन डिजाइनिंग का कोर्स भी किया और एक नौकरी भी ज्वाइन की, लेकिन उनका मन एक्टिंग में ही अटका रहा जिसके चलते वे दिल्ली में थिएटर करने लगे।
'जस्सी जैसी कोई नहीं' से मिली थी पहचान, अब 'आलम भाई' बनकर छाए
आपको बता दें कि गौरव गेरा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टेलीविजन की दुनिया से की थी। सोनी टीवी के सुपरहिट शो 'जस्सी जैसी कोई नहीं' में मोना सिंह (जस्सी) के बेस्ट फ्रेंड 'नंदू' का किरदार निभाकर वे रातों-रात मशहूर हो गए थे। इसके बाद उन्होंने कई टीवी शोज, फिल्मों और सोशल मीडिया पर अपनी अनूठी कॉमेडी सीरीजों (जैसे चुटकी और शॉपकीपर) से दर्शकों को खूब हंसाया। लेकिन साल 2026 में आई फिल्म 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में उनके 'आलम भाई' के किरदार ने उनके करियर को एक नया मुकाम दे दिया है। आज फिल्म क्रिटिक्स से लेकर आम दर्शक तक गौरव गेरा के इस संजीदा अभिनय को फिल्म की बेस्ट परफॉर्मेंस मान रहे हैं।