इंडिगो अगले महीने 2,000 से ज्यादा फ्लाइट्स चला पाएगा या नहीं? DGCA को देना होगा जवाब
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-19 13:16:00
India News Live,Digital Desk : इंडिगो को 10 फरवरी से ए320 फ्लीट के पायलटों पर लागू नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों से छूट खत्म हो रही है। अब एयरलाइन को डीजीसीए के सामने साफ बताना होगा कि क्या वह नए सख्त नियमों के तहत रोजाना 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित कर पाएगी। अगर एयरलाइन इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई, तो डीजीसीए और एविएशन मिनिस्ट्री सीधे कदम उठाकर कुछ उड़ानों को कैंसिल करने का फैसला कर सकते हैं।
पिछले दिसंबर में इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें कैंसिल हुई थीं और लाखों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए थे। उस बार की गड़बड़ी दोहराने से रोकने के लिए अब सरकार और रेगुलेटर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।
नए नियमों से पायलटों की संख्या बढ़ी जरूरी
एफडीटीएल नियमों का उद्देश्य पायलटों को पर्याप्त आराम देना और उड़ानों को सुरक्षित बनाना है। नए नियमों के तहत:
साप्ताहिक रेस्ट 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया है।
रात की उड़ानों में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है।
कुल ड्यूटी समय में कटौती की गई है।
इन बदलावों की वजह से इंडिगो को ए320 बेड़े के लिए ज्यादा पायलटों की जरूरत पड़ रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एयरलाइन फिलहाल लगातार ड्राई रन कर रही है। नए क्रू रोस्टर में उपलब्ध पायलटों और उड़ानों की संख्या को मैच करके देखा जा रहा है कि 10 फरवरी के बाद संचालन की स्थिति कैसी रहेगी।
1 फरवरी से ही इंडिगो ने पुराने नियमों की छूट को पूरी तरह नजरअंदाज कर नए नियमों के अनुसार क्रू शेड्यूलिंग शुरू कर दी है।
दिसंबर गड़बड़ी पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना
डीजीसीए ने दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में हुई गड़बड़ियों की जांच की थी। केवल 3, 4 और 5 दिसंबर की उड़ानों को आधार बनाकर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) का मानना है कि यह पूरी स्थिति को नहीं दिखाता।
एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा, “असल में परेशानी मिड-दिसंबर तक जारी रही। हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं और तीन लाख से ज्यादा यात्री परेशान हुए। सिर्फ तीन दिनों को आधार बनाकर डीजीसीए ने असल स्थिति को कम करके आंका है।”